कई विद्यालयों में इस अवसर पर विभिन्न तरह के कार्यक्रम भी आयोजित किए गए
सफलता का जब, शीर्षक लिखूँगा
सबसे अहम तब, शिक्षक लिखूँगा
सुदीप कुमार त्रिवेदी
देश के पहले उप राष्ट्रपति डॉ राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर, शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य पर आज पूरे जिले के सभी सरकारी व गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों में शिक्षक दिवस मनाया गया । जहाँ बच्चे सुबह सुबह रंगीले परिधान में पहुँचे थे । पाकुड़ मुख्यालय के डी ए वी, डी पी एस, जिदातो मिशन, हरिणडंगा हाई स्कूल, राज प्लस टू, रानी ज्योतिर्मयी स्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर, गुरूदेव कोचिंग सेंटर, पैरामाउंट साइंस इंस्टीट्यूट, प्यारे नन्हे कदम जैसे दर्जनो शिक्षण संस्थानों में शिक्षक दिवस मना कर बच्चों ने अपने शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता को प्रकट किया । इस मौके पर विद्यालयों में अलग अलग तरह के कार्यक्रम भी आयोजित किए गए जिसमे बच्चों ने बढ़चढ कर हिस्सा लिया। विदित हो कि डाo सर्वपल्ली राधाकृष्ण का जन्म 1888 को तमिलनाडु के तिरुमनी गांव में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। वे बचपन से ही किताबें पढ़ने के शौकीन थे और स्वामी विवेकानंद से काफी प्रभावित थे। राधाकृष्णन का निधन चेन्नई में 17 अप्रैल 1975 को हुआ । सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी प्रेरणा के अपार श्रोत डॉ राधाकृष्णन की एक एक बातों और उनके दिखाए मार्ग से आज शिक्षा में बहुत बड़ी क्रांति आ गई है, देश उन्नति की मार्ग पर है और विश्व को एक नया दिशा मिला है ।






