राजकुमार भगत
पाकुड़ के सदर अस्पताल में इलाजरत अपूर्व कुमार दास को डाइलेसिस के लिए बी पॉजिटिव ब्लड की जरूरत थी, लेकिन परिजनों में से कोई भी रक्त देने में सक्षम नहीं था। इस संकट की घड़ी में इंसानियत फाउंडेशन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और रक्तदाता बासिरुल के माध्यम से रक्त की व्यवस्था की।बासिरुल ने कहा, “मैं बहुत खुश हूं कि मेरा रक्त किसी की जान बचाने में मदद कर रहा है। मैं हर तीन महीने में इंसानियत फाउंडेशन के बैनर तले रक्तदान करता रहूंगा। इस मौके पर इंसानियत फाउंडेशन के सचिव बानिज शेख, सगीर शेख और कर्मचारी नविन कुमार उपस्थित थे। यह घटना मानवता और सामाजिक सेवा की भावना को दर्शाती है।





