यासिर अराफ़ात
पाकुड़ : बरसात के मौसम में सदर प्रखंड के अमीनघाट ब्रिज से रहसपुर तक सड़क की हालत दयनीय हो चुकी है. सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है. पूरी सड़क में पानी इतना भर गया है कि आधी बाइक डूब जाती है. पानी निकासी के लिए किसी तरह का नाला का भी प्रबंध नहीं है. एक जगह नाला का निर्माण करवाया गया था परंतु नाला का निर्माण इस तरीके से करवाया गया कि पानी निकासी हो ही नहीं पा रहा है. कहीं ना कहीं इस नाला के निर्माण में इंजीनियर साहब का खुराफाती दिमाग था. कहीं ना कहीं उनकी मंशा यह थी कि ठेकेदार का बिल पास हो सके, पानी निकासी हो या ना हो उससे उनका कोई मतलब नहीं था, यूं कहा जाए कि यह नाला भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ गया तो गलत नहीं होगा. क्योंकि नाला निर्माण के समय इंजीनियर साहब की उपस्थिति जीरो के बराबर थी. पिछले वर्ष ही आमीन घाट ब्रिज का निर्माण करवाया गया था. जिससे यहां के स्थानीय लोगों को बाढ़ की समस्या से निजात तो मिली है. लेकिन इस ब्रिज से रहसपुर तक पूरी सड़क टूट चुकी है.इस क्षेत्र के लोगों के लिए यह एकमात्र सड़क है जो सीधा पाकुड़ को जोड़ती है. रोजाना इस सड़क से सैकड़ो लोग पाकुड़ अपने कामकाज से आते-जाते रहते हैं. बरसात के इस मौसम में सड़क की दयनीय स्थिति होने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जिला प्रशासन को इस सड़क की मरम्मती पर ध्यान देने की जरूरत है.





