सतनाम सिंह
पाकुड़ में एक अद्भुत उदाहरण देखने को मिला है, मानवता और रक्तदान की भावना का प्रदर्शन हुआ है। आरपीएफ उप निरीक्षक प्रभाकर कुमार चौधरी ने अपना कीमती रक्त डोनेट कर थैलेसीमिया पीड़ित पांच वर्षीय मासूम बच्ची की जान बचाई। भवानीपुर निवासी रहमत शेख अपनी बेटी के लिए बी नेगेटिव रक्त की तलाश कर रहे थे, लेकिन कई जगह संपर्क करने के बाद भी उन्हें नहीं मिला। जब आरपीएफ उप निरीक्षक प्रभाकर कुमार चौधरी को इस बारे में पता चला, तो उन्होंने तुरंत संपर्क साधा और रक्तदान करने के लिए तैयार हो गए।
उनके रक्तदान से न केवल एक जान बचाई गई, बल्कि यह भी साबित हुआ कि मानवता और सहयोग की भावना अभी भी जीवित है। रहमत शेख ने आरपीएफ उप निरीक्षक का शुक्रिया अदा किया और कहा, “अल्लाह आपको बरकत दे।” इस घटना ने रक्तदान के महत्व को फिर से उजागर किया और लोगों को इस नेक काम में आगे आने के लिए प्रेरित किया।





