असम में नदी में डूबने से हुई मौत, पाकुड़ में हजारों लोगों ने दी श्रद्धांजलि
सतनाम सिंह
पाकुड़िया थाना क्षेत्र के बन्नोग्राम निवासी असम प्रदेश के तेजपुर कैम्प में तैनात भारतीय वायु सेना के हवलदार बापी घोष का पार्थिव शरीर तिरंगे से लपेटे एम्बुलेंस के माध्यम से उनके पैतृक गांव बन्नोग्राम लाया गया। उनका शव पहुंचते ही बन्नोग्राम सहित प्रखंड क्षेत्र के हजारों लोगों की भीड़ एक झलक पाने के लिए उमड़ पड़ी। आर्मी सेना के जवानों ने राष्ट्रीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धांजलि दी। सेना के पदाधिकारी ने उनकी पत्नी संपा घोष को तिरंगा देकर सम्मानित किया। क्षेत्रीय विधायक प्रो स्टीफन मरांडी, पाकुड़िया थाना प्रभारी अमित कुमार सिंह सहित प्रखंड भर के गणमान्य बुद्धिजीवियों एवं परिजनों ने भी पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। बापी घोष की मृत्यु असम प्रदेश में कमेंग नदी में डूबने से हुई थी, जहां वे अपने बेटे को बचाने की कोशिश में अपनी जान गंवा बैठे। उनका 14 वर्षीय बेटा ऋतिक घोष भी इस हादसे में शहीद हो गया। एनडीआरफ की टीम ने तीन दिन बाद हवलदार के शव को बरामद किया और बाद में उनके बेटे का शव भी बरामद कर लिया गया। बापी घोष लगभग 2008 में वायु सेना में योगदान किया था और अपने पीछे डेढ़ वर्ष का एक बेटा, पत्नी, मां और चाचा को छोड़ गए हैं।










