पाकुड़ जिले में शिक्षा और कौशल विकास को मजबूत बनाने की दिशा में उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने सोमवार को पुराना डीसी कार्यालय स्थित NIELIT केंद्र और पोस्ट ऑफिस परिसर में संचालित भगवान बिरसा मुंडा शिक्षण केंद्र सह पुस्तकालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दोनों संस्थानों में चल रही शैक्षणिक और प्रशिक्षण गतिविधियों की समीक्षा कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान डीसी ने खासतौर पर बिरसा मुंडा शिक्षण केंद्र में प्रतियोगी परीक्षाओं (JPSC/JSSC) की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। यहां छात्रों को निःशुल्क कोचिंग, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय और स्वाध्ययन की व्यवस्था दी जा रही है। उपायुक्त ने कहा कि ऐसे केंद्र युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाते हैं। वहीं NIELIT केंद्र में कंप्यूटर शिक्षा, डिजिटल प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रमों की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले के युवाओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ना और रोजगार के अवसर बढ़ाना प्रशासन की प्राथमिकता है। प्रशिक्षण की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की उपस्थिति और संसाधनों की उपलब्धता को लेकर भी उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई और बेहतर शैक्षणिक माहौल पर भी डीसी ने विशेष ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण बेहद जरूरी है। दोनों केंद्रों के सुचारु संचालन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी के निर्देश भी दिए गए। जिले में शिक्षा और कौशल विकास को लेकर प्रशासन की यह पहल युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।








