सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का संदेश दिया गया।
प्रशांत मंडल
लिट्टीपाड़ा ( पाकुड़)ग्राम स्वशासन अभियान के तहत लिट्टीपाड़ा ब्लॉक के कमलघाटी पंचायत के बिंझा गांव में विश्व सांस्कृतिक विविधता संवाद और विकास दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समुदाय में सांस्कृतिक विविधता के महत्व को उजागर करना और विभिन्न सांस्कृतिक पृष्ठभूमियों के बीच संवाद को बढ़ावा देना था।कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक संगीत और नृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियों से हुई।स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों पर थिरकते हुए अपनी सांस्कृतिक पहचान का जीवंत प्रदर्शन किया।इन प्रस्तुतियों ने जहां दर्शकों का मन मोहा, वहीं उन्हें अपनी जड़ों से जुड़ने की प्रेरणा भी दी।इस अवसर पर ग्राम स्वशासन अभियान के प्रमुख प्रतिनिधि अरुण राय, कार्तिक दत्ता, नीलम बेसरा और संजय शर्मा उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधनों में कहा कि “सांस्कृतिक विविधता किसी समाज की सबसे बड़ी पूंजी होती है। जब विभिन्न संस्कृतियों के बीच संवाद होता है, तो सामाजिक समरसता और विकास के नए द्वार खुलते हैं।” उन्होंने स्थानीय जनता से अपील की कि वे अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करें और दूसरों की संस्कृति का सम्मान करें।गौरतलब है कि विश्व सांस्कृतिक विविधता दिवस प्रतिवर्ष 21 मई को मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर सांस्कृतिक विविधता के महत्व को रेखांकित करना और विभिन्न सांस्कृतिक समूहों के बीच संवाद और सहयोग को प्रोत्साहित करना है।बिंझा गांव में आयोजित यह कार्यक्रम न सिर्फ एक सांस्कृतिक उत्सव बना, बल्कि सामाजिक जागरूकता और एकता का भी प्रतीक बन गया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि विविधता हमारी ताकत है, और संवाद उसका सबसे सशक्त माध्यम है।





