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March 14, 2026 6:28 pm

जिप अध्यक्ष के तीन साल: 10 करोड़ की योजनाएं पूरी, राज्य में पाकुड़ का विकास रैंकिंग 5 वें पायदान पर

जुली ख्रिष्टमणी हेंब्रम बोलीं— ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदलना ही लक्ष्य, हर मोर्चे पर हो रहा काम।

बजरंग पंडित

पाकुड़: पाकुड़ जिला परिषद अध्यक्ष जुली ख्रिष्टमणी हेंब्रम ने मंगलवार को प्रेसवार्ता कर तीन साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा— “17 जून 2022 को जब मैंने जिला परिषद अध्यक्ष का कार्यभार संभाला, तब पाकुड़ की रैंकिंग राज्य में 17वें स्थान पर थी। आज हम पांचवें पायदान पर हैं। यह सिर्फ मेरा नहीं, पूरी टीम का सामूहिक प्रयास है।उन्होंने बताया कि बीते तीन वर्षों में 10 करोड़ 2 लाख 56 हजार 745 रुपये की लागत से विकास योजनाओं को धरातल पर उतारा गया। इसमें ग्रामीण सड़कों का निर्माण, पेयजल व्यवस्था, शिक्षा-स्वास्थ्य और आधारभूत संरचनाओं को बेहतर बनाने के काम शामिल हैं।

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“सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, गांव-गांव में दिखने लगा बदलाव”

जुली हेंब्रम ने कहा— “हमने सिर्फ टेंडर और कागजों तक विकास को नहीं रोका। आज इन योजनाओं के ज़रिए ज़मीन पर काम दिख रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में जीवनस्तर बेहतर हो रहा है और यही हमारी असली सफलता है। जिले के सुदूर गांवों में सड़कें बनीं, जलापूर्ति योजनाएं शुरू हुईं और स्कूलों में सुविधाएं बेहतर हुई हैं। हमारी प्राथमिकता बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है।

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टीमवर्क को दिया श्रेय

हेंब्रम ने सफलता का श्रेय जिला परिषद के सभी सदस्यों, जेई, एई, कार्यपालक अभियंता, डीडीसी और कार्यालय के कर्मचारियों को दिया। उन्होंने कहा— “सबके सहयोग से ही यह मुमकिन हो पाया है। हम सिर्फ योजनाएं नहीं बनाते, उन्हें जमीन पर उतारते भी हैं।”

शिक्षा से राजनीति तक का सफर

ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली झामुमो नेत्री जुली हेंब्रम ने शिक्षा पूरी करने के बाद सक्रिय राजनीति में कदम रखा। आज वह पाकुड़ की विकास यात्रा की अगुआ बन चुकी हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले दिनों में जिले की तस्वीर और बेहतर होगी।

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6.89 करोड़ की लागत से पूर्ण हुई योजनाएं, 191 अभी भी प्रगति पर

जिप अध्यक्ष ने बताया कि अब तक जिला परिषद मद से कुल 444 योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें 10 करोड़ 2 लाख 56 हजार 745 रुपये की राशि आवंटित हुई थी। इन योजनाओं पर अब तक 6 करोड़ 89 लाख 53 हजार 1 रुपये खर्च किए जा चुके हैं। फिलहाल 191 योजनाओं पर काम जारी है।इन योजनाओं में पीसीसी सड़क, स्नान घाट, गार्डवाल, चबूतरा, नाली, पार्टकूप, जल मीनार, पाइपलाइन विस्तारीकरण, हैंड वॉश यूनिट, सामुदायिक शौचालय आदि शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इन कार्यों से बुनियादी सुविधाएं बेहतर हुई हैं।

15वें वित्त आयोग से स्वास्थ्य ढांचे को भी मिली मजबूती

स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत ‘कार्बोनेट योजनाओं’ के तहत जिले के 16 स्वास्थ्य उपकेंद्रों का चयन किया गया है, जहां आधारभूत ढांचे का विस्तार किया जा रहा है।

चयनित स्वास्थ्य उपकेंद्र में पाकुड़ प्रखंड के रहसपुर, बेलडांगा, ईलामी व अमड़ापाड़ा प्रखंड के डुमरचीर, पचुवाड़ा व महेशपुर प्रखंड के खाँपुर, पोखरिया, तारापुर, कांसादिघी व हिरणपुर प्रखंड के मोहनपुर, प्रतापपुर, देवपुर व लिट्टीपाड़ा प्रखंड के जामकुन्दर व पाकुड़िया प्रखंड के लकड़ापहाड़ी, सरसाबांध-2, डोमनगड़िया इन उपकेंद्रों में भवन निर्माण, पेयजल, शौचालय, बिजली और बैठने की व्यवस्था जैसी सुविधाएं सुदृढ़ की जा रही हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा और सुलभ हो सके।

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‘विकास को जमीन पर उतारना ही हमारा लक्ष्य’ – जुली हेंब्रम

जिप अध्यक्ष ने कहा कि “हम सिर्फ योजनाएं स्वीकृत नहीं कर रहे, उन्हें धरातल पर उतार भी रहे हैं। हमारा उद्देश्य हर गांव और हर व्यक्ति तक सुविधा पहुंचाना है। आने वाले समय में पाकुड़ विकास के और ऊंचे मुकाम पर पहुंचेगा।

तीन साल पहले हम जहां थे, वहां से अब काफी आगे बढ़े हैं। हमारा मकसद सिर्फ निर्माण नहीं, बदलाव लाना है।

– जुली ख्रिष्टमणी हेंब्रम, अध्यक्ष, जिला परिषद, पाकुड़

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