राजकुमार भगत
पाकुड़। झारखंड आंदोलन के प्रणेता, आदिवासी अस्मिता के प्रतीक एवं झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर पूरे राज्य में शोक की लहर है। इसी क्रम में प्रशिक्षित सहायक अध्यापक संघ, पाकुड़ जिला की ओर से मंगलवार को लाडडु बाबू आम बगान में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जहां दर्जनों शिक्षकों ने नम आंखों से गुरुजी को अंतिम विदाई दी। सभा की शुरुआत गुरुजी की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट के मौन से हुई। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष एजाजुल हक, जिला सचिव मानिक मंडल, जिला उपाध्यक्ष मो. केताबुल शेख, लिट्टीपाड़ा प्रखंड अध्यक्ष ब्रोजमोन ठाकुर, पाकुड़ प्रखंड सचिव मो. सेताबुद्दीन शेख, शिक्षक नेता बाबुजी किस्कू (हिरणपुर), बिमल बेसरा, प्रमोदिनी हांसदा, हिरालाल साह, राजेश साह, अशोक साहू, आनेसुर रहमान, सकल हांसदा, राजेश गौड़ समेत कई गणमान्य शिक्षक मौजूद थे।
सभी ने एक स्वर में कहा कि दिशोम गुरु का जीवन संघर्षों से भरा हुआ था, लेकिन उन्होंने कभी भी आदिवासियों, शोषितों और वंचितों के हक की लड़ाई से समझौता नहीं किया। उनके दिखाए रास्ते पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।





