अनुमंडल पदाधिकारी ने सौंपी जिम्मेदारी, 59 गांवों की परंपरागत व्यवस्था को मिलेगा नया संबल
पाकुड़ अनुमंडल पदाधिकारी के न्यायालय में लंबित परगनैत नियुक्ति से जुड़े वादों का शुक्रवार को निष्पादन किया गया। इसके तहत हिरणपुर अंचल के दो परगना महाल में परगनैतों की विधिवत नियुक्ति कर उन्हें सनद प्रदान की गई। अनुमंडल पदाधिकारी, पाकुड़ द्वारा परगना महाल धोवाडांगाल के परगनैत पद पर नारायण टुडू (पिता–स्व. लोगेन टुडू) तथा परगना महाल मोहनपुर के परगनैत पद पर मिसिर टुडू (पिता–स्व. ईश्वर टुडू) को औपचारिक रूप से सनद सौंपी गई।
बताया गया कि परगना महाल धोवाडांगाल के अंतर्गत 26 ग्राम एवं परगना महाल मोहनपुर के अंतर्गत 33 ग्राम शामिल हैं। प्रशासन ने बताया कि परगनैत का पद ग्राम प्रधान से उच्चतर होता है, जिसकी नियुक्ति संथाल परगना मैनुअल, 1911 के प्रावधानों के अनुरूप की जाती है। परगनैत संथाल सिविल रूल्स के तहत अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए परगना स्तर पर प्रशासनिक, सामाजिक और परंपरागत व्यवस्थाओं के संचालन में अहम भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर अनुमंडल प्रशासन ने नव-नियुक्त परगनैतों से अपने-अपने क्षेत्र में न्याय, समन्वय और परंपरागत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की अपेक्षा जताई।
पेसा कानून व झारखंड नियमावली से जुड़ा अहम प्रावधान
झारखंड सरकार के पंचायती राज विभाग द्वारा अधिसूचना संख्या–40, दिनांक 02 जनवरी 2026 को पेसा कानून (The Provisions of the Panchayats – Extension to the Scheduled Areas Act, 1996) के तहत तैयार पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) झारखंड नियमावली, 2025 को विधिवत अधिसूचित किया गया है। जारी नोटिफिकेशन में भी स्पष्ट उल्लेख किया गया है। इस अधिसूचना के माध्यम से अनुसूचित क्षेत्रों में परंपरागत संस्थाओं को कानूनी व प्रशासनिक मान्यता प्रदान की गई है।
नियमावली के अनुसार परंपरागत ग्राम सभा आपसी सहमति एवं संवाद के माध्यम से परंपरागत, सामाजिक एवं पारिवारिक विवादों की सुनवाई करेगी तथा प्रत्येक प्रकरण का लिखित अभिलेख संधारित करेगी। इसके साथ ही ग्राम सभा गांव की सीमा के भीतर उत्पन्न भूमि एवं सीमा विवादों का समाधान भी चर्चा के माध्यम से करेगी।
ऐसे विवादों का निपटारा विलकिन्सन रूल्स, 1837, छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम, 1908, संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम, 1949 तथा अन्य क्षेत्रीय कानूनों के साथ-साथ संथाल सिविल रूल्स (Santhal Civil Rules) के प्रावधानों के अंतर्गत किया जाएगा।


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