पाकुड़। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की पहल पर चल रहे “मेडिएशन फॉर नेशन 2.0” अभियान के तहत तीन पारिवारिक मामलों का सफल निष्पादन किया गया। आपसी संवाद और मध्यस्थता के माध्यम से दंपतियों के बीच चल रहे विवादों को समाप्त कर उन्हें फिर से एक साथ रहने के लिए सहमत कराया गया। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडे के मार्गदर्शन में यह प्रक्रिया संचालित की जा रही है। इसी क्रम में प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक के प्रयास से मूल भरण-पोषण वाद संख्या 236/2025, ओरिजिनल सूट संख्या 3/2026 तथा ओरिजिनल सूट संख्या 13/2026 में चल रहे पारिवारिक मतभेदों को आपसी सहमति से सुलझा लिया गया। मध्यस्थता की प्रक्रिया के दौरान दंपतियों ने पुराने मतभेदों को भुलाकर फिर से साथ रहने का निर्णय लिया। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश रजनीकांत पाठक ने दंपतियों को आपसी समझ, सहयोग और संवाद के साथ खुशहाल पारिवारिक जीवन जीने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि छोटे-मोटे विवादों को बातचीत और समझदारी से सुलझाकर परिवार में मधुरता बनाए रखना जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ता अजय कुमार, सौरभ अब्बास अली सहित परिजन भी उपस्थित रहे।
यह अभियान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडे के निर्देश पर तथा प्राधिकार की सचिव रूपा वंदना किरो की देखरेख में संचालित किया जा रहा है।






