HPV टीकाकरण की भी तैयारी, 14-15 साल की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए लगेगा वैक्सीन।
पाकुड़। जिले में मलेरिया, कालाजार और अन्य वेक्टर जनित रोगों के नियंत्रण को लेकर सोमवार को सिविल सर्जन कार्यालय में जिला समन्वय समिति की बैठक हुई। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत इंटेंसिफाइड मलेरिया एलिमिनेशन प्रोजेक्ट-3 (IMEP-3) के अंतर्गत आयोजित इस बैठक में रोग नियंत्रण की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई और संबंधित विभागों को बेहतर समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया गया। कार्यक्रम का आयोजन चाइल्ड इन नीड इंस्टिट्यूट (CINI) के सहयोग से किया गया। बैठक की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. एस. के. मिश्रा ने की। उन्होंने जिले में मलेरिया की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि मलेरिया और कालाजार उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी, लगातार निगरानी और साझा प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने साफ कहा कि केवल स्वास्थ्य विभाग नहीं, बल्कि सभी संबंधित विभागों की संयुक्त जिम्मेदारी से ही इन बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। बैठक में जिला वीबीडी पदाधिकारी डॉ. अमित कुमार और CINI के जिला प्रतिनिधि अमित अग्रवाल ने IMEP-3 के तहत चल रही गतिविधियों की जानकारी दी। इस दौरान मलेरिया नियंत्रण की रणनीति, जांच और उपचार व्यवस्था, साथ ही CINI की ओर से दिए जा रहे तकनीकी और कार्यक्रमगत सहयोग पर विस्तार से चर्चा हुई।
डब्ल्यूएचओ के जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ. हसीब ने मलेरिया के परजीवी विज्ञान और इसके प्रमुख क्लिनिकल लक्षणों पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और इलाज से मलेरिया पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है। शुरुआती स्तर पर मरीज की पहचान और उपचार इस लड़ाई का सबसे अहम हिस्सा है। बैठक के अंत में डीआरसीएचओ डॉ. एस. के. झा और जिला कार्यक्रम प्रबंधक, एनएचएम ने ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) से होने वाले सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए प्रस्तावित टीकाकरण कार्यक्रम पर चर्चा की। अधिकारियों ने बताया कि 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को HPV वैक्सीन दी जाएगी, ताकि उन्हें भविष्य में सर्वाइकल कैंसर से बचाव मिल सके। इससे जिले की बड़ी संख्या में किशोरियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, एमओईसी अमड़ापाड़ा व लिट्टीपाड़ा, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. के. के. सिंह समेत कई विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे।







