प्रशांत मंडल
पाकुड़। आकांक्षी लिट्टीपाड़ा प्रखंड के गुतु गलांग कल्याण ट्रस्ट में गुरुवार को उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने निरीक्षण किया। यहां पहाड़िया समुदाय की महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे आत्मनिर्भरता मॉडल को देखकर डीसी ने उनकी जमकर सराहना की और उत्पादन के साथ बाजार विस्तार पर जोर दिया।निरीक्षण के दौरान डीसी ने बोरा सिलाई केंद्र का जायजा लिया और महिलाओं से सीधा संवाद किया। महिलाओं ने बताया कि वे रोजाना 5 से 6 हजार बोरे सिलती हैं, जबकि हर महीने 1 से 1.5 लाख बोरे तैयार किए जाते हैं। इस कार्य से उन्हें 6 से 7 हजार रुपए तक की मासिक आय हो रही है, जिससे वे अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही हैं। डीसी ने मशीनों के अपग्रेडेशन का निर्देश देते हुए अधिकारियों से कहा कि निजी क्षेत्र में भी आपूर्ति की संभावनाएं तलाशें, ताकि उत्पादों का बाजार और व्यापक हो सके। महिलाओं ने यह भी बताया कि वे बरबटी और बाजरा की पैकेजिंग कर रही हैं, जिसे पलाश ब्रांड से जोड़ा गया है। डीसी ने इस पहल को स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाने की दिशा में अहम कदम बताया। डीसी मेघा भारद्वाज ने कहा कि मेहनत से कमाया गया पैसा सबसे अधिक संतोष देता है। उन्होंने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए अन्य महिलाओं को भी इस तरह के स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान विशेष कार्य पदाधिकारी त्रिभुवन कुमार सिंह, बीडीओ संजय कुमार, JSLPS के डीपीएम प्रवीण मिश्रा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।








