Search

June 15, 2026 11:51 pm

नगर परिषद टेंडर घोटाला: पूर्व वार्ड पार्षद मोनिता कुमारी ने अध्यक्ष को घेरा, पूछे 5 तीखे सवाल!

सबकुछ जानते हुए भी अध्यक्ष चुप क्यों?”- पाकुड़ टेंडर मैनेज पर पूर्व वार्ड पार्षद मोनिता कुमारी के तीखे सवाल

छिटपुट कलमधारी को घोटाला में शामिल करने के लिए दिए 25 हजार का लिफाफा: सुत्र।

पाकुड़ नगर परिषद में टेंडर ‘मैनेजमेंट’ और बाहरी छिटपुट पत्रकारों को 25 हजार रुपये बांटे जाने के सनसनीखेज मामला चल ही रहा था कि अब नगर की पूर्व वार्ड पार्षद मोनिता कुमारी ने इस पूरे घटनाक्रम पर सीधे नगर परिषद अध्यक्ष को कटघरे में खड़ा करते हुए तीखे सवालों की बौछार कर दी है। मोनिता कुमारी के इस बयान ने नगर परिषद प्रशासन और ठेकेदारों के सिंडिकेट पर है।

पूर्व वार्ड पार्षद ने दागे पांच चुभते सवाल

इस महाघोटाले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए पूर्व वार्ड पार्षद मोनिता कुमारी ने सीधे नगर परिषद के नेतृत्व पर सवाल उठाए और पूछा कि आखिर इस पूरे खेल के पीछे का असली मास्टरमाइंड कौन है। उन्होंने जनता की तरफ से निम्नलिखित सवाल खड़े किए हैं: सवाल नंबर 1: “अगर नगर परिषद में टेंडर मैनेजमेंट का यह खेल चल रहा था, तो नगर परिषद अध्यक्ष इस पर चुप क्यों रहे? उनकी यह चुप्पी क्या बयां करती है?”सवाल नंबर 2: “अगर टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और साफ-सुथरी थी, तो फिर नगर परिषद प्रशासन जनता के सामने सभी संबंधित दस्तावेज रखने से क्यों कतरा रहा है? आखिर क्या छुपाया जा रहा है?”सवाल नंबर 3:”यदि टेंडर मैनेजमेंट या प्रक्रिया में भारी अनियमितता हुई थी, तो नगर परिषद अध्यक्ष ने समय रहते इसका विरोध क्यों नहीं किया? क्या उनकी सहमति इसके साथ थी?”सवाल नंबर 4: “क्या अध्यक्ष महोदया को इतने बड़े खेल की जानकारी ही नहीं थी? या फिर सब कुछ उनकी नाक के नीचे और उनकी पूरी जानकारी में हो रहा था?”सवाल नंबर 5: “पाकुड़ की जनता यह जानना चाहती है कि करोड़ों रुपये के विकास कार्यों में आखिर पारदर्शिता कहां गायब है?”

चुप्पी अब जवाब नहीं, बल्कि सवाल बन चुकी है”

अध्यक्ष और अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए मोनिता कुमारी ने साफ शब्दों में कहा कि अब टालमटोल की राजनीति नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि जनता के खून-पसीने की कमाई और टैक्स के पैसे का हिसाब नगर परिषद को देना ही होगा। इस मामले पर जिम्मेदार लोगों की चुप्पी अब कोई जवाब नहीं है, बल्कि यह चुप्पी खुद एक बहुत बड़ा सवाल बन चुकी है जो भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है।

उच्च स्तरीय जांच और दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग

पूर्व वार्ड पार्षद ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पाकुड़ की जनता के साथ हो रहे इस धोखे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।मोनिता कुमारी ने पुरजोर मांग की है कि इस पूरी टेंडर प्रक्रिया की एक उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए टेंडर से जुड़े सभी दस्तावेजों को तुरंत सार्वजनिक किया जाए, ताकि सच पूरी तरह से जनता के सामने आ सके।

गहराया टेंडर का विवाद

पहले ठेकेदारों की पूलिंग, फिर मामले को दबाने के लिए बाहरी छिटपुट पत्रकारों को 25 हजार रुपये के लिफाफे बांटने का आरोप, और अब जनप्रतिनिधियों का सड़कों पर उतरना यह साफ संकेत दे रहा है कि पाकुड़ नगर परिषद में चल रहा यह खेल बहुत जल्द बड़े अधिकारियों और जांच एजेंसियों के रडार पर आने वाला है। अब देखना यह है कि इन तीखे सवालों पर नगर परिषद अध्यक्ष और जिला प्रशासन क्या सफाई पेश करता है। हालांकि इस पर नगर परिषद अध्यक्ष शबरी पाल ने जवाब देते हुए बताया कि मेरे ऊपर लगाए गए सारे आरोप निराधार है।

Leave a Comment

लाइव क्रिकेट स्कोर
error: Content is protected !!