पाकुड़। झालसा रांची के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) पाकुड़ की ओर से पाकुड़ सदर प्रखंड सभागार में 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान के तहत विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन डालसा सचिव रूपा बंदना किरो, एलएडीसीएस के चीफ सुबोध कुमार दफादार, स्थायी लोक अदालत के सदस्य राजीव कुमार झा, एलएडीसीएस के सहायक गंगाराम टुडू समेत अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
डालसा सचिव रूपा बंदना किरो ने कहा कि अभियान का उद्देश्य समाज में व्याप्त कुरीतियों को जड़ से समाप्त कर लोगों को उनके कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बाल विवाह को गंभीर सामाजिक और कानूनी अपराध बताते हुए निर्धारित उम्र से पहले बच्चों की शादी नहीं करने की अपील की। साथ ही पात्र लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता, आवेदन प्रक्रिया और डालसा की ओर से उपलब्ध सेवाओं की जानकारी दी।
एलएडीसीएस चीफ सुबोध कुमार दफादार ने दहेज प्रथा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। वहीं सहायक गंगाराम टुडू ने डायन प्रथा, दहेज प्रथा और बाल श्रम के खिलाफ कानून में निर्धारित सजा और प्रावधानों से लोगों को अवगत कराया। स्थायी लोक अदालत के सदस्य राजीव कुमार झा ने कहा कि अभियान का उद्देश्य कानून की जानकारी को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने कानूनी सहायता के लिए नालसा के टोल फ्री नंबर 15100 पर संपर्क करने की अपील की। शिविर में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित प्रदर्शनी स्टॉल भी लगाए गए। डालसा सचिव ने स्टॉलों का निरीक्षण कर लोगों से कानूनी सेवाओं के साथ-साथ सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। पीसीआई-यूनिसेफ के जिला कार्यक्रम समन्वयक मो. अनीश अंसारी ने अभिभावकों से बच्चों के साथ नियमित सकारात्मक संवाद बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि परिवार में खुला संवाद बच्चों को नशे और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं से बचाने में अहम भूमिका निभाता है। साथ ही बच्चों के मोबाइल उपयोग पर निगरानी रखते हुए डिजिटल माध्यमों के जिम्मेदार इस्तेमाल के लिए प्रेरित करने की बात कही।
कार्यक्रम में जेएसएलपीएस, वन स्टॉप सेंटर, कृषि विभाग समेत विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने विभागों से मिलने वाली सुविधाओं और योजनाओं की जानकारी दी। मंच संचालन इंडियन नेशनल एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्वास ने किया। मौके पर बीएओ नारद मंडल, वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक समा परवीन, परामर्शदाता बीना सहित विभिन्न विभागों के कर्मी, पैरा लीगल वॉलंटियर्स, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।








