पाकुड़ जिला प्रशासन की कार्यशैली को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त श्रीमती मेघा भारद्वाज ने मंगलवार को पुराना सदर प्रखंड परिसर, एंडेवर अकादमी, वन स्टॉप सखी सेंटर और चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जर्जर भवनों पर सख्त रुख अपनाते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और सेवा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। पुराना सदर प्रखंड परिसर के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कई भवनों को अत्यंत जर्जर स्थिति में पाया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि पूरी तरह क्षतिग्रस्त भवनों को नियमानुसार जल्द कंडम घोषित किया जाए, जबकि जिन भवनों की मरम्मत संभव है, उन्हें शीघ्र दुरुस्त कराया जाए। साथ ही परिसर में फैली झाड़ियों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी परिसरों की स्वच्छता और सुव्यवस्था प्रशासन की गरिमा से जुड़ी होती है। इसके बाद उपायुक्त ने एंडेवर अकादमी कोचिंग सेंटर का निरीक्षण कर वहां पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने छात्रों की तैयारी, रणनीति और प्रगति की जानकारी ली और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए नियमित अभ्यास, समय प्रबंधन, सिलेबस की समझ और लगातार मॉडल टेस्ट देना बेहद जरूरी है। सकारात्मक सोच, अनुशासन और आत्मविश्वास को सफलता की कुंजी बताते हुए उन्होंने छात्रों को निरंतर मेहनत करने की सलाह दी। निरीक्षण के क्रम में वन स्टॉप सखी सेंटर और चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय का भी जायजा लिया गया। यहां सभी कर्मी उपस्थित पाए गए। चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने बच्चों से जुड़े मामलों के निपटारे की प्रक्रिया और कार्यशैली की जानकारी दी। उपायुक्त ने उनकी कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा और भविष्य के लिए यह सेवा बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कार्यालय परिसर में साफ-सफाई और व्यवस्थित कार्यस्थल बनाए रखने के निर्देश भी दिए। उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल भवनों का संचालन नहीं, बल्कि आमजन, महिलाओं, विद्यार्थियों और बच्चों को बेहतर एवं सुरक्षित सेवाएं देना है। उन्होंने सभी विभागों को जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।







