चैनपुर (पलामू): पलामू जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कोशियारा के पश्चिम टोला में ग्रामीणों ने सरकारी उदासीनता से तंग आकर खुद ही सड़क निर्माण का बीड़ा उठा लिया। वर्षों से खराब पड़ी सड़क की समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से गुहार लगाने के बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला, तो ग्रामीणों ने आपसी सहयोग और चंदा जुटाकर सड़क निर्माण कार्य शुरू कर दिया।
ग्रामीणों के अनुसार, पश्चिम टोला में दिलीप चौरसिया के घर से अक्षेबर मोची के घर होते हुए वार्ड सदस्य राधेश्याम चौरसिया के घर तक जाने वाली सड़क लंबे समय से जर्जर अवस्था में थी। बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती थी। कीचड़ और जलजमाव के कारण लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता था। यदि किसी की तबीयत अचानक खराब हो जाए तो एंबुलेंस या अन्य वाहन का पहुंचना लगभग असंभव हो जाता था।
इसी तरह कोशियारा उत्क्रमित मध्य विद्यालय से धोबनी अहरा होते हुए सुदामा श्रीकृष्ण महतो के घर से ललन महतो के घर तक जाने वाली सड़क भी काफी समय से बदहाल पड़ी थी। इस सड़क से प्रतिदिन स्कूल जाने वाले बच्चों, किसानों और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की गई, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी कोई पहल नहीं हुई। आखिरकार गांव के लोगों ने बैठक कर निर्णय लिया कि अब सरकार के भरोसे बैठने के बजाय स्वयं ही समस्या का समाधान किया जाए। इसके बाद घर-घर जाकर चंदा इकट्ठा किया गया और सड़क निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया।
ग्रामीणों की यह पहल एक ओर उनकी एकजुटता और सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण पेश करती है, तो दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर भी सवाल खड़े करती है। लोगों का कहना है कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए यदि जनता को स्वयं पैसा लगाना पड़े, तो यह व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।
अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी इस पहल के बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान क्षेत्र की अन्य समस्याओं की ओर भी जाएगा और गांव को आवश्यक विकास कार्यों का लाभ मिल सकेगा।










