पाकुड़: झालसा रांची के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के तत्वावधान में शुक्रवार को पाकुड़ प्रखंड के नवीनगर पंचायत भवन में विश्व बालश्रम निषेध दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष दिवाकर पांडेय के निर्देश एवं डालसा सचिव रूपा बंदना किरो के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम में लीगल एड डिफेंस कॉन्सिल सिस्टम (एलएडीसीएस) के डिप्टी चीफ मो. नुकुमुद्दीन शेख, सहायक गंगाराम टुडू, एएसआई अनिल कुमार पंडित एवं पीसीआई-यूनिसेफ के जिला परियोजना समन्वयक मोहम्मद अनीस मुख्य रूप से मौजूद रहे। इस दौरान लोगों को बाल श्रम उन्मूलन और बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। एलएडीसीएस के डिप्टी चीफ मो. नुकुमुद्दीन शेख एवं सहायक गंगाराम टुडू ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 12 जून को विश्व बालश्रम निषेध दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कर शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर भविष्य का अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने बाल श्रम (निषेध और विनियमन) अधिनियम 1986, शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 और पोक्सो एक्ट 2012 सहित विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा से जोड़ना और उनके अधिकारों की रक्षा करना समाज की जिम्मेदारी है। एएसआई अनिल कुमार पंडित ने बाल श्रम के दुष्परिणामों से लोगों को अवगत कराते हुए कहा कि बाल श्रम कराने वाले नियोक्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। वहीं पीसीआई-यूनिसेफ के जिला परियोजना समन्वयक मोहम्मद अनीस ने वीडियो क्लिप के माध्यम से बाल विवाह और बाल श्रम के खिलाफ जागरूक किया।
कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधि, पैरा लीगल वॉलिंटियर्स चंद्रशेखर घोष, खुदू राजवंशी, विजय कुमार राजवंशी, नीरज कुमार राउत सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।








