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March 20, 2026 11:23 pm

पानी के लिए भटकते बच्चे, बूंद-बूंद को तरस रहे ग्रामीण।

खराब चापाकलों ने खोली विकास की पोल।

महेशपुर (पाकुड़): प्रखंड के सीतारामपुर पंचायत अंतर्गत बोड़हाल पोखर गांव में पेयजल संकट ने स्कूल के बच्चों और ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गांव के तीनों चापाकल महीनों से खराब पड़े हैं, जिससे भीषण गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल के बच्चों को झेलनी पड़ रही है। स्कूल में चापाकल नहीं होने के कारण बच्चों को पानी के लिए बाहर जाना पड़ता है। किसी तरह एक खराब चापाकल को ट्यूब के सहारे बांधकर चालू किया गया है, उसी से बच्चों की प्यास बुझाई जा रही है। यह अस्थायी व्यवस्था कभी भी जवाब दे सकती है।।वहीं, रसोइयों को मध्याह्न भोजन बनाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पानी के अभाव में स्कूल की व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है, जिसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। ग्रामीणों की स्थिति भी कम गंभीर नहीं है। उन्हें रोजाना दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है। महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल गर्मी में यह समस्या और विकराल हो जाती है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता।
स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक न तो चापाकलों की मरम्मत हुई और न ही नए हैंडपंप लगाए गए। विकास के दावों के बीच गांव के लोग आज भी बुनियादी सुविधा पानी के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द खराब चापाकलों की मरम्मत कराई जाए और नए चापाकल लगाए जाएं, ताकि बच्चों और गांव के लोगों को इस भीषण गर्मी में राहत मिल सके। इस संबंधित बीडीओ महेशपुर ने बताया कि इसकी जानकारी प्राप्त नहीं थी एक आद दिन में चापानल ठीक करवा दिया जाएगा और इसके बाबजूद पानी की कमी हुई तो टैंकर से व्यवस्था की जाएगी।

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