पाकुड़ जिले में शनिवार को ईद-उल-फितर का त्योहार आपसी भाईचारे और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर नमाज के निर्धारित स्थल बदलने पड़े। मुख्य ईदगाहों के बजाय लोगों ने गांधी चौक स्थित जामा मस्जिद, हरिणडांगा बाजार की मस्जिद समेत विभिन्न मस्जिदों में नमाज अदा की। तांतीपाड़ा ईदगाह में होने वाली नमाज भी मौसम के चलते स्थानांतरित की गई।
नमाज के बाद इमामों ने खुतबा पढ़ा और देश में अमन-चैन, तरक्की व खुशहाली की दुआ मांगी। इसके बाद लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। मौके पर गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल देखने को मिली, जहां विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने भी मुस्लिम समुदाय को बधाई दी।
इस बार ईद पर बच्चों में खाड़ी देशों के पहनावे का खास आकर्षण दिखा। पारंपरिक कुर्ता-पायजामा की जगह कई बच्चे सऊदी शैली के ‘थौब’ और सिर पर ‘घुटरा’ पहने नजर आए। सिद्धू-कान्हू पार्क में ऐसे बच्चों ने लोगों का ध्यान खींचा। शांति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। उपायुक्त मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी के निर्देश पर संवेदनशील स्थलों पर पुलिस बल और दंडाधिकारी तैनात किए गए। एसडीपीओ दयानंद आजाद के नेतृत्व में डीएसपी अजय आर्यन, नगर थाना प्रभारी अनिल गुप्ता सहित पुलिस पदाधिकारी लगातार क्षेत्र में गश्त करते रहे। भीड़भाड़ वाले इलाकों पर तकनीकी निगरानी रखी गई और नमाज के दौरान यातायात व्यवस्था के लिए रूट डायवर्ट किया गया। नमाज के बाद बड़ी संख्या में लोग सिद्धू-कान्हू पार्क पहुंचे, जहां मेले जैसा माहौल देखने को मिला। पार्क के बाहर चाट, खिलौने और अन्य दुकानों की रौनक रही, जबकि बच्चों ने झूलों का भरपूर आनंद उठाया।







