पाकुड़: बलिहारपुर स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में ‘हिंदू समन्वय समिति’ के तत्वावधान में रविवार को विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लेकर सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
कार्यक्रम की शुरुआत भव्य नगर कीर्तन से हुई, जिसके बाद मंचीय कार्यक्रम आयोजित किए गए। बच्चों ने भक्ति गीतों पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किए। वहीं छोटे बच्चों द्वारा भारत की वीरांगनाओं के जीवन पर दिए गए प्रभावशाली भाषण मुख्य आकर्षण रहे।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि अजय कुमार समेत अन्य वक्ताओं—आलोक मंडल, देवकांत कुमार, मृत्युंजय घोष और श्रवण महतो—ने सनातन संस्कृति की प्राचीनता और उसकी महत्ता पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि समाज को एकजुट रहकर सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा करनी चाहिए और नई पीढ़ी को नैतिक शिक्षा से जोड़ना आवश्यक है। वक्ताओं ने मंदिरों की ऐतिहासिक भूमिका पर भी चर्चा की और बताया कि प्राचीन समय में मंदिर सामाजिक सहयोग के केंद्र हुआ करते थे। उन्होंने समाज से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और स्वदेशी अपनाने का आह्वान किया। नदियों-तालाबों को स्वच्छ रखने, अधिक से अधिक पौधारोपण करने और सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से बचने की अपील की गई। कार्यक्रम के दौरान महर्षि दधीचि के बलिदान को स्मरण करते हुए समाज की रक्षा और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों के पालन का संकल्प दिलाया गया। सम्मेलन का समापन राष्ट्रहित और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ हुआ।







