दावों की चमक फीकी, मारगो पहाड़ में आज भी नहीं पहुंची बुनियादी सुविधाएं।
हम भी इंसानों जैसी जिंदगी चाहते हैं—ग्रामीण।
पाकुड़: सरकार की विकास योजनाओं और ‘हर घर बिजली’ जैसे दावों के बीच लिट्टीपाड़ा प्रखंड की बांडों पंचायत स्थित मारगो पहाड़ गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। गांव के करीब 35 परिवार नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। बिजली, सड़क और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव से परेशान ग्रामीणों ने शुक्रवार को पाकुड़ समाहरणालय पहुंचकर उपायुक्त को मांग पत्र सौंपा और जल्द समाधान की मांग की।ग्रामीणों का कहना है कि गांव में आज तक बिजली नहीं पहुंच सकी है। शाम होते ही पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है। इसका सबसे अधिक असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों को आवेदन दिया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।पेयजल संकट गांव की सबसे बड़ी समस्या बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार पिछले 10 से 15 वर्षों से स्वच्छ पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है। महिलाएं और बच्चे दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाने को विवश हैं। दूषित पानी पीने से लोग अक्सर बीमार पड़ जाते हैं.गांव तक पहुंचने के लिए आज भी कच्चे रास्ते का सहारा लेना पड़ता है। बरसात के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है तथा गांव का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से लगभग कट जाता है। आपात स्थिति में एंबुलेंस तक गांव नहीं पहुंच पाती।इस दौरान ग्राम प्रधान मांगू पहाड़िया एवं रमेश पहाड़िया ने उपायुक्त को गांव की समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि गांव में करीब 200 की आबादी निवास करती है, लेकिन आज तक विकास की बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच सकी हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र पहल करने की मांग की।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे। मांग पत्र के साथ पूर्व में दिए गए आवेदनों की प्रतियां और ग्रामीणों के हस्ताक्षर भी सौंपे गए।









