7000 हजार सिक्योरिटी मनी पर विरोध, 2000 हजार करने की उठी मांग,शहर की बुनियादी समस्याओं पर भी हुई तीखी चर्चा।
पाकुड़ नगर निकाय चुनाव के बाद नवनिर्वाचित अध्यक्ष शबरी पाल की अध्यक्षता में पहली मासिक बोर्ड बैठक हंगामेदार रही। बैठक में जलापूर्ति शुल्क को लेकर पार्षदों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। अध्यक्ष शबरी पाल ने गंगा पानी पाइपलाइन योजना के तहत नए कनेक्शन के लिए 7000 हजार सिक्योरिटी मनी निर्धारित किए जाने की जानकारी दी। इस प्रस्ताव का उपाध्यक्ष राणा ओझा समेत कई पार्षदों ने विरोध किया। पार्षद रूपाली सरकार और किरण कापड़ी ने इसे आम लोगों, खासकर गरीब वर्ग के लिए बोझ बताते हुए शुल्क घटाकर 2000 हजार करने की मांग रखी। बैठक में सिर्फ जलापूर्ति ही नहीं, बल्कि शहर की अन्य बुनियादी समस्याओं पर भी गंभीर चर्चा हुई। पार्षदों ने स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई और जर्जर सड़कों की बदहाल स्थिति पर नाराजगी जताई। पार्षद अनिकेत गोस्वामी ने टोटो चालकों से भारी टैक्स वसूली का मुद्दा उठाया, वहीं चंचल सिंह ने वार्ड संख्या 15 की खराब गलियों की स्थिति पर ध्यान दिलाया। अध्यक्ष शबरी पाल ने सभी वार्डों के समान विकास का भरोसा दिलाते हुए अधिकारियों को जल निकासी, नाली सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।








