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March 26, 2026 1:48 am

जब भीड़ खड़ी रही खामोश, एसडीपीओ विजय कुमार ने निभाया इंसानियत का फर्ज।

सड़क हादसे में घायल अधेड़ को खुद पहुंचाया अस्पताल, तमाशबीनों के रवैये पर उठे सवाल, मदद के लिए समाज से की अपील

पाकुड़। शहर में मंगलवार शाम इंसानियत को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई, जहां एक सड़क हादसे के बाद लोग मदद के बजाय तमाशबीन बने रहे। स्टाइल बाजार के समीप ऑटो और बाइक की भिड़ंत में एक अधेड़ बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। वह काफी देर तक सड़क पर घायल पड़ा रहा, लेकिन आसपास मौजूद लोग मदद करने के बजाय वीडियो बनाते रहे और तमाशा देखते रहे, इसी बीच महेशपुर के एसडीपीओ विजय कुमार वहां से गुजर रहे थे। उनकी नजर जैसे ही घायल पर पड़ी, उन्होंने बिना देर किए हालात को समझा। आसपास खड़े लोगों का रवैया देखकर वे नाराज भी हुए, लेकिन समय गंवाए बिना खुद आगे आए। उन्होंने घायल व्यक्ति को अपनी गाड़ी में बैठाया और सीधे सदर अस्पताल, सोनाजोड़ी पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टर मनीष कुमार और डॉक्टर आकाशदीप ने तत्काल प्राथमिक उपचार किया। गंभीर हालत को देखते हुए घायल को बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। घायल व्यक्ति, जो पाकुड़ मुफस्सिल थाना क्षेत्र का निवासी है उम्मीद है अब बेहतर स्थिति में होंगे और स्वास्थ होंगे।इस पूरी घटना में जहां एक ओर समाज की संवेदनहीनता उजागर हुई, वहीं एसडीपीओ विजय कुमार ने अपने कर्तव्य से बढ़कर मानवता का परिचय दिया। उन्होंने कहा, “इंसान की मदद इंसान ही करेगा, किसी और से उम्मीद नहीं की जा सकती। ऐसे समय में आगे आना ही असली जिम्मेदारी है।”
उन्होंने समाज से अपील की कि सड़क हादसों में घायल लोगों की मदद जरूर करें। कानून भी मददगारों को सुरक्षा देता है, फिर भी लोग बेवजह संकोच करते हैं, जो समझ से परे है। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर हम किस दिशा में जा रहे हैं—जहां जरूरतमंद को मदद नहीं, बल्कि मोबाइल कैमरे मिलते हैं। ऐसे दौर में विजय कुमार जैसे अधिकारी उम्मीद की किरण बनकर सामने आते हैं।

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