शहरकोल और शहरग्राम पंचायत में निरीक्षण, नवाचार और साफ-सुथरी व्यवस्थाओं की टीम ने की सराहना
पाकुड़। मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार 2025 के तहत नामित सदर प्रखंड की शहरकोल और महेशपुर प्रखंड की शहरग्राम पंचायत में सोमवार को राज्य स्तरीय टीम ने दौरा किया। इस दौरान टीम ने योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी, ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और विभिन्न योजनाओं के तहत लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया। कार्यक्रम की शुरुआत अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन सहित अन्य अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने दीप प्रज्वलित कर की। टीम ने पंचायतों में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति, उनके असर और लाभुकों को मिल रहे फायदे की विस्तार से जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान पंचायतों में किए जा रहे नवाचार, इको-फ्रेंडली गतिविधियां और जागरूकता प्रयास टीम को प्रभावित करते नजर आए। सूचना पट्ट, पंचायत प्रोफाइल और विभिन्न प्रोजेक्ट्स की प्रस्तुति को टीम ने सराहा। पंचायत सचिवालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं—जैसे हैंडवॉश यूनिट, भष्मीकरण यंत्र, मातृ-शिशु कक्ष, हेल्प डेस्क, जन औषधि केंद्र, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और ज्ञान केंद्र—का भी निरीक्षण किया गया। टीम ने इन व्यवस्थाओं को बेहतर बताते हुए अन्य पंचायतों के लिए उदाहरण बताया। राज्य टीम के सदस्य आदित्य रंजन ने कहा कि पंचायत में बेहतर समन्वय और सक्रिय भागीदारी दिख रही है, जिसे आगे भी बनाए रखना जरूरी है। वहीं राजेंद्र कुमार गुड़िया ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए ग्रामीणों से अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के स्वीकृति पत्र, साइकिल, मनरेगा जॉब कार्ड, किशोरी बालिकाओं को स्वच्छता किट, धोती-साड़ी, मच्छरदानी और बेबी किट सहित कई परिसंपत्तियां वितरित की गईं। साथ ही सखी मंडलों को मजबूत करने के लिए सीएलएफ राशि भी दी गई। इस मौके पर विभिन्न विभागों के स्टॉल भी लगाए गए, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और अन्य योजनाओं की जानकारी दी गई। अपर समाहर्ता ने निर्देश दिया कि योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक सरल तरीके से पहुंचाई जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग लाभान्वित हो सकें।।कार्यक्रम में जिला और प्रखंड स्तर के कई अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।









