एस कुमार
महेशपुर। जिले में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और लू की आशंका के बीच छोटे-छोटे बच्चों की सेहत पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जहां एक ओर सरकार ने गर्मी को देखते हुए सरकारी स्कूलों का समय बदलकर सुबह 7 बजे से 1 बजे तक कर दिया है, वहीं महेशपुर प्रखंड के 351 आंगनबाड़ी केंद्र अब भी सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक संचालित हो रहे हैं। इस कारण नौनिहालों को दिन चढ़ने के साथ बढ़ती तपिश और उमस के बीच केंद्रों में बैठने को मजबूर होना पड़ रहा है। सुबह 8 बजे के बाद ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर दिखने लगता है, जिससे बच्चे पसीने से तर-बतर हो रहे हैं। इसका असर उनकी सेहत और पढ़ाई दोनों पर पड़ रहा है।
अभिभावकों की बढ़ी चिंता।
गर्मी के कारण कई अभिभावक अपने बच्चों को केंद्र भेजने से हिचक रहे हैं, लेकिन पोषण और शिक्षा की मजबूरी उन्हें भेजने पर विवश कर रही है। अभिभावकों का कहना है कि छोटे बच्चों के लिए इतनी गर्मी में लंबे समय तक केंद्र में रहना जोखिम भरा है।
सेविकाओं ने उठाई आवाज।
सेविका संघ की प्रखंड अध्यक्ष कौशीला देवी ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ ही बच्चों की उपस्थिति भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि जब स्कूलों का समय बदला जा सकता है, तो आंगनबाड़ी केंद्रों का क्यों नहीं। उन्होंने मांग की कि समय सुबह 7 बजे से 11 बजे तक कर दिया जाए, ताकि बच्चों को राहत मिल सके। वहीं प्रखंड सचिव रुथ किस्कु ने भी प्रशासन से समय में बदलाव की मांग करते हुए कहा कि वर्तमान समय सारणी में बच्चों के साथ-साथ सेविकाओं को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन से जल्द निर्णय की उम्मीद
तेज होती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए अब सभी की नजर जिला प्रशासन पर टिकी है। अगर जल्द समय में बदलाव नहीं किया गया, तो नौनिहालों की सेहत पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है।








