दिशा बैठक में डेडलाइन तय—हर योजना अंतिम व्यक्ति तक, लापरवाही पर कार्रवाई और हादसों पर कड़ी नजर
पाकुड़। जिले में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, कुपोषण उन्मूलन और सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आया। बुधवार को समाहरणालय में आयोजित बैठकों और कार्यक्रमों में सांसद विजय कुमार हांसदा ने साफ कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और काम का असर जमीन पर दिखना चाहिए। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में लंबित योजनाओं की समीक्षा करते हुए सांसद ने सभी विभागों को समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। ग्रामीण सड़कों की मरम्मत, बिजली व्यवस्था सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर प्रदर्शन और स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। जियापानी ग्रिड का काम पूरा होने के बाद इसी माह बिजली आपूर्ति शुरू होने की संभावना जताई गई। कृषि, पेयजल और खेल सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। फसल क्षति का प्रतिवेदन भेजा गया है, वहीं अमड़ापाड़ा में पानी की समस्या दूर करने के लिए बोरिंग कराने का निर्देश दिया गया। जिले में स्टेडियम निर्माण कार्यों को भी समय पर पूरा करने को कहा गया। बैठक के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभुकों के बीच स्वीकृति पत्र, आवास की चाभी, पोषण किट, पेंशन, छात्रवृत्ति और अन्य सहायता सामग्री का वितरण किया गया। इसी दिन “पोषण पखवाड़ा” के तहत जागरूकता रथ को रवाना किया गया, जो 23 अप्रैल तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को कुपोषण के प्रति जागरूक करेगा। सांसद ने लोगों को संतुलित आहार अपनाने और बच्चों व माताओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की शपथ दिलाई। वहीं जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सामने आए आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी। जनवरी से मार्च 2026 के बीच 18 सड़क दुर्घटनाओं में 15 लोगों की मौत हुई है। सांसद ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि ओवरस्पीड, ट्रिपल राइडिंग और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। हिट एंड रन मामलों का त्वरित निष्पादन और नियमित वाहन जांच अभियान चलाने को कहा गया। हालांकि पिछले वर्षों की तुलना में सड़क हादसों में कमी आई है, लेकिन इसे और घटाने के लिए प्रशासन को लगातार सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया।









