पाकुड़ जिले में नवनियुक्त चौकीदारों को बाल विवाह रोकथाम को लेकर गुरुवार को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आयोजित किया गया, जिसमें चौकीदारों को उनकी जिम्मेदारियों और भूमिका के प्रति जागरूक किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण इकाई के प्रतिनिधि राजेश कुमार, सखी वन स्टॉप सेंटर की शमा प्रवीण तथा पीसीआई-यूनिसेफ के जिला प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर मोहम्मद अनीस मौजूद रहे। सभी ने बाल विवाह के कारणों, इसके दुष्परिणामों और समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों की विस्तार से जानकारी दी।
चौकीदारों को बताया गया कि बाल विवाह न केवल बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर गंभीर असर पड़ता है। उन्हें निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहकर ऐसे मामलों की सूचना दें और समय रहते रोकथाम सुनिश्चित करें। इस दौरान सरकार की विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी गई। विशेष रूप से सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि इसके तहत कक्षा 8वीं से 12वीं तक की छात्राओं को आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे उनकी शिक्षा को बढ़ावा मिलता है और बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में चौकीदारों से अपील की गई कि वे गांव स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाते हुए लोगों को जागरूक करें और बाल विवाह रोकने में प्रशासन का सहयोग करें।





