5700 परीक्षार्थी होंगे शामिल, डीसी-एसपी की संयुक्त समीक्षा व केंद्रों का निरीक्षण, कदाचारमुक्त संचालन के पुख्ता इंतजाम
पाकुड़, झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा (जेपीएससी) प्रारंभिक परीक्षा 2025 के सफल, शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त आयोजन को लेकर पाकुड़ जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय और सतर्क है। उपायुक्त मनीष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने संयुक्त समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया, वहीं परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को परखा। जिले में 19 अप्रैल को दो पालियों में परीक्षा आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 10:00 बजे से 12:00 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3:00 बजे से 5:00 बजे तक होगी। परीक्षा के लिए कुल 15 केंद्र बनाए गए हैं, जहां लगभग 5700 परीक्षार्थी शामिल होंगे। उपायुक्त ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी दंडाधिकारियों, केंद्राधीक्षकों और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और अनुशासित माहौल में संपन्न कराई जाए। सभी केंद्रों पर बेंच-डेस्क, पेयजल, शौचालय, बिजली, साफ-सफाई और सिटिंग प्लान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक केंद्र की वीडियोग्राफी कराई जाएगी तथा उड़नदस्ता टीम द्वारा औचक निरीक्षण भी होगा। इधर, उपायुक्त ने केकेएम कॉलेज, पाकुड़ एवं आदर्श बिल्टू मध्य विद्यालय परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी मूलभूत सुविधाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध कराई जाएं।
परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के पास हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे, जहां से उन्हें परीक्षा केंद्र से संबंधित जानकारी दी जाएगी। पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्रों के अंदर मोबाइल, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ, टैबलेट और कैलकुलेटर सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी केंद्रों पर दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि विधि-व्यवस्था बनी रहे। जिला स्तर पर कंट्रोल रूम भी सक्रिय रहेगा, जहां से परीक्षा से जुड़ी हर गतिविधि की निगरानी की जाएगी और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि जेपीएससी राज्य की महत्वपूर्ण परीक्षा है और इसे स्वच्छ, निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।








