पाकुड़ जिले में आगामी जनगणना 2027 को त्रुटिहीन और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। देशव्यापी इस महत्वपूर्ण कार्य के तहत जिले में प्रगणकों का व्यापक प्रशिक्षण अभियान शुरू कर दिया गया है, जो 16 मई से 14 जून 2027 तक संचालित होगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षकों और संबंधित कर्मियों को जनगणना की तकनीकी प्रक्रियाओं, घर-घर सर्वेक्षण, मकान सूचीकरण, परिवारों के सटीक डेटा संकलन, डिजिटल माध्यम से जानकारी प्रविष्टि, प्रपत्र भरने और त्रुटि सुधार की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे से शाम 5 बजे तक तीन बैचों में आयोजित हो रहा है, जिसमें प्रत्येक बैच में 46 प्रतिभागी शामिल हैं। हर प्रशिक्षु को तीन दिनों का गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि फील्ड कार्य के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि न हो। पूरे प्रशिक्षण का संचालन 10 सदस्यीय मास्टर ट्रेनर्स की टीम कर रही है। इनमें प्रसनजीत क्रिश्चियन, जॉन हांसदा, मुशर्रफ हुसैन, मोहम्मद सलीम अंसारी, संदीप पांडे और सत्यजीत दास जैसे अनुभवी प्रशिक्षक शामिल हैं, जो प्रगणकों को डिजिटल और मैनुअल दोनों तरीकों से डेटा संग्रह की प्रक्रिया समझा रहे हैं। इसी क्रम में पाकुड़िया प्रखंड में जनगणना के प्रथम चरण, अर्थात मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित बैच-III और बैच-IV के प्रशिक्षण कार्यक्रम का पहला चरण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम प्रखंड विकास पदाधिकारी सोमनाथ बनर्जी के नेतृत्व में सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित किया गया। दूसरे दिन बीपीआरओ त्रिदीप शील की उपस्थिति में 80 प्रगणक और 10 पर्यवेक्षक शामिल हुए, जबकि फील्ड ट्रेनर्स अरुण कुमार दास, राज कुमार पाल, अभीजीत साहू और प्रदीप कुमार यादव ने प्रशिक्षण दिया। प्रखंड विकास पदाधिकारी ने बताया कि नागरिक “स्व-गणना” सुविधा के तहत संबंधित वेबसाइट के माध्यम से स्वयं पंजीकरण कर अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं, जिससे जनगणना प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। जिला प्रशासन ने जनगणना को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताते हुए सभी कर्मियों को पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का मानना है कि सटीक जनगणना आंकड़े ही भविष्य की विकास योजनाओं, कल्याणकारी कार्यक्रमों और नीतियों की दिशा तय करेंगे।








