पाकुड़ | बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत चल रही आम बागवानी योजनाओं में गड़बड़ी और खराब गुणवत्ता को लेकर उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को हिरणपुर प्रखंड के बरमसिया पंचायत पहुंचकर उन्होंने योजनाओं का निरीक्षण किया और काम की स्थिति पर नाराजगी जताई।
निरीक्षण में ट्रेंच कटिंग, तालाब निर्माण और पौधारोपण कार्य संतोषजनक नहीं मिला। कई जगह रखरखाव में लापरवाही और गुणवत्ता की कमी दिखी। इस पर उपायुक्त ने साफ कहा कि मनरेगा की योजनाओं में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी और तुरंत सुधार लाया जाए। तेतुलिया डैम के पास लक्ष्मी देवी और मनोज यादव की योजना में पौधों की ज्यादा मौत (मोर्टालिटी) सामने आई। जांच में खराब गुणवत्ता के पौधे सप्लाई होने की बात सामने आई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि इसकी भरपाई आपूर्तिकर्ता से कराई जाए और उससे जवाब भी मांगा जाए। उपायुक्त ने अधिकारियों को पौधों की देखभाल, सिंचाई और जल संरक्षण कार्यों को गंभीरता से लेने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह योजना सिर्फ पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने से जुड़ी अहम पहल है, इसलिए हर स्तर पर गुणवत्ता और पारदर्शिता जरूरी है।निरीक्षण के दौरान प्रखंड के सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।








