स्मार्ट क्लास दुरुस्त करने, शिक्षकों की कमी दूर करने और आयुष्मान योजना बेहतर लागू करने पर जोर
पाकुड़। उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने गुरुवार को हिरणपुर में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था का औचक निरीक्षण कर सिस्टम की हकीकत परखी। पीएम श्री कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक, जहां-जहां खामियां मिलीं, वहां तुरंत सुधार के निर्देश दिए। साफ संदेश रहा—सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। विद्यालय निरीक्षण के दौरान डीसी ने कक्षाओं में चल रही पढ़ाई देखी और छात्राओं से सीधे बातचीत कर फीडबैक लिया। टाइम टेबल तक प्रदर्शित नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और सभी कक्षाओं के लिए व्यवस्थित टाइम टेबल तत्काल लगाने का निर्देश दिया। स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब बंद हालत में मिलने पर अधिकारियों को फटकार लगाते हुए इन्हें जल्द चालू कराने को कहा, ताकि छात्राओं को आधुनिक शिक्षा मिल सके। छात्राओं ने शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया, जिस पर डीसी ने संबंधित विभाग को कार्रवाई का निर्देश दिया। छात्रावास में भोजन, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं की भी जांच की गई। साथ ही खेलकूद गतिविधियों को बढ़ावा देने और पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने की अपील की गई। पीएम श्री योजना के तहत मिली राशि के उपयोग की भी समीक्षा हुई। डीसी ने बताया कि कस्तूरबा विद्यालयों की खाली जमीन चिन्हित कर प्लेग्राउंड, अतिरिक्त कक्ष और मल्टीपर्पस हॉल बनाने की तैयारी है। इसके बाद डीसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं, जहां ओपीडी, दवा वितरण, प्रसव कक्ष, एक्स-रे और जांच घर सहित सभी व्यवस्थाओं की पड़ताल की। रोजाना करीब 100 मरीजों के आने की जानकारी मिली, लेकिन आयुष्मान भारत योजना के तहत कम लाभुक मिलने पर डीसी ने नाराजगी जताई। उन्होंने साफ कहा कि जिले में योजना का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है और इसे तेजी से सुधारना होगा।
स्वास्थ्यकर्मियों की कार्यक्षमता की समीक्षा करते हुए डीसी ने जीएनएम और एएनएम की दक्षता जांचने का निर्देश दिया। प्रसव सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अलग मैटरनिटी यूनिट विकसित करने और नए बने भवन में जल्द शिफ्टिंग कर व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा। निरीक्षण के दौरान बीडीओ, सीओ, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। डीसी की सख्ती के बाद साफ है कि अब हिरणपुर में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की रफ्तार तेज होगी।








