शहरकोल में हुई समीक्षा बैठक, योजनाओं की प्रगति और पारदर्शिता पर दिया गया विशेष बल।
पाकुड़। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज व्यवस्था को अधिक सशक्त, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से पाकुड़ प्रखंड प्रशासन द्वारा लगातार पहल की जा रही है। इसी क्रम में ग्राम पंचायत शहरकोल के सभागार में प्रखंड स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी समीर अल्फ्रेड मुर्मू ने की।
बैठक में 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत ग्राम पंचायतों को प्राप्त अनुदान राशि के व्यय, पंचायत सचिवालय सुदृढ़ीकरण योजना की प्रगति तथा विभिन्न विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करने की स्थिति पर भी चर्चा की गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पंचायतों की कार्यप्रणाली को अन्य पंचायतों के लिए उदाहरण बताया गया। इस अवसर पर सभी मुखिया एवं पंचायत सचिवों को पंचायत सचिवालय का भ्रमण भी कराया गया, ताकि बेहतर कार्य संस्कृति और पारदर्शी व्यवस्था को अपनाया जा सके। प्रखंड विकास पदाधिकारी समीर अल्फ्रेड मुर्मू ने कहा कि पंचायतें ग्रामीण विकास की मूल इकाई हैं और इनके सशक्त हुए बिना समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी विकास योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि योजनाओं की सतत निगरानी के लिए प्रत्येक सप्ताह किसी न किसी पंचायत में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिससे कार्यों की नियमित प्रगति की जांच हो सके और जवाबदेही और अधिक मजबूत बने। बैठक में प्रभारी प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी तेतु राय, प्रखंड समन्वयक आनंद प्रकाश, सहायक अभियंता जमील अख्तर, 15वें वित्त आयोग के लेखापाल-सह-कंप्यूटर ऑपरेटर सब्बीर अहमद सहित सभी पंचायतों के मुखिया, पंचायत सचिव एवं अन्य कर्मी उपस्थित थे।






