इकबाल हुसैन
महेशपुर: सस्ते दाम के लालच में चोरी की बाइक खरीदना और उसका इस्तेमाल करना अब भारी पड़ सकता है। महेशपुर थाना पुलिस ने चोरी की एक मोटरसाइकिल बरामद करते हुए दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चोरी के वाहन को खरीदना, रखना या चलाना भी कानूनन अपराध है और ऐसा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, 27 फरवरी 2026 को पाकुड़ नगर बस स्टैंड से चोरी हुई होंडा शाइन मोटरसाइकिल को महेशपुर थाना पुलिस ने बरामद किया। जांच में पता चला कि बाइक चांडालमारा निवासी प्रमोद कुमार मंडल के नाम से पंजीकृत है। इस संबंध में पाकुड़ नगर थाना में कांड संख्या 31/26 दर्ज है।
थाना कांड संख्या 110/26 के अनुसंधान के दौरान असकंथा निवासी इंद्रजीत चौरसिया से पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने अपने साथी सत्यम कुमार के साथ मिलकर पाकुड़ बस स्टैंड से उक्त बाइक चोरी की थी। दोनों चोरी की बाइक का लगातार इस्तेमाल कर रहे थे। मामले में महेशपुर थाना के सहायक अवर निरीक्षक नवदेव सिंह के आवेदन पर इंद्रजीत चौरसिया और सत्यम कुमार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने इंद्रजीत चौरसिया को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चोरी के वाहन को रखना या चलाना भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317 के तहत दंडनीय अपराध है। इस अपराध में तीन से सात वर्ष तक की सजा के साथ जुर्माने का भी प्रावधान है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि पुरानी बाइक खरीदने से पहले उसके सभी दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करें। वाहन की आरसी, बीमा, चेसिस नंबर और इंजन नंबर का मिलान अवश्य करें तथा बिना वैध कागजात वाले किसी भी वाहन की खरीदारी से बचें। इससे न केवल आर्थिक नुकसान हो सकता है, बल्कि कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है।






