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May 8, 2026 10:13 pm

गांव-गांव ‘कानूनी अलख’, नब्बे दिन में बच्चों से लेकर ग्रामीणों तक अधिकारों की पहुंच।

आश्रय गृह और कस्तूरबा स्कूल में जागरूकता, बाल विवाह-दहेज जैसी कुरीतियों पर सीधी चेतावनी।

पाकुड़: जिले में बच्चों और ग्रामीणों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए चल रहे 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता अभियान के तहत शुक्रवार को बाल आश्रय गृह पाकुड़ और पीएमश्री कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय हिरणपुर समेत दूर-दराज के क्षेत्रों में आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया।
झालसा रांची के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) पाकुड़ की ओर से आयोजित इस अभियान का संचालन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डालसा दिवाकर पांडेय के निर्देश और सचिव रूपा बंदना किरो के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। कार्यक्रम में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के सहायक गंगाराम टुडू और यूनिसेफ से जुड़े चाइल्ड कोऑर्डिनेटर मो. अनीस ने बच्चों से सीधा संवाद किया। उन्होंने शिक्षा, कौशल विकास और कानूनी अधिकारों की जानकारी देते हुए बच्चों को आत्मविश्वास, अनुशासन और लक्ष्य निर्धारण का महत्व समझाया। वहीं डिप्टी चीफ संजीव कुमार मंडल ने डालसा के माध्यम से मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता, मौलिक अधिकार और कर्तव्यों के साथ विभिन्न कानूनों की विस्तार से जानकारी दी। नालसा के टोल फ्री नंबर 15100 के जरिए मुफ्त कानूनी सहायता लेने की प्रक्रिया भी समझाई गई। अभियान के दौरान डायन प्रथा, बाल विवाह, दहेज, घरेलू हिंसा और बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीतियों पर खुलकर चर्चा हुई और इनके कानूनी परिणामों से लोगों को अवगत कराया गया। कार्यक्रम में मेडिएटर सुमित्रा रानी सिंह, कोऑर्डिनेटर तालामय किस्कू, पैरा लीगल वॉलिंटियर्स मैनुल शेख, पिंकी मंडल, मोलिता कुमारी, विजय कुमार राजवंशी, नीरज कुमार राउत सहित विद्यालय की प्रधानाध्यापिका, शिक्षक, छात्राएं और बाल आश्रय गृह के कर्मी मौजूद रहे।

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