15वें वित्त आयोग व पंचायत सचिवालय सुदृढ़ीकरण योजना की समीक्षा में लापरवाही पर जताई नाराजगी, पेयजल व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश।
पाकुड़। जिला पंचायत राज पदाधिकारी प्रीतिलता मुर्मू ने बुधवार को डीआरडीए सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में 15वें वित्त आयोग एवं पंचायत सचिवालय सुदृढ़ीकरण योजना के तहत चल रहे कार्यों और राशि व्यय की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा के दौरान कई पंचायतों में योजनाओं के क्रियान्वयन और वित्तीय व्यय की धीमी गति पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। बैठक में स्पष्ट रूप से उन पंचायतों की स्थिति की समीक्षा की गई, जहां आवंटित राशि के अनुरूप व्यय संतोषजनक नहीं पाया गया। इस पर जिला पंचायत राज पदाधिकारी ने संबंधित पंचायत सचिवों, कनीय अभियंताओं और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सभी की जिम्मेदारी है। लंबित कार्यों को अविलंब पूरा कर व्यय की गति बढ़ाई जाए तथा नियमित रूप से अद्यतन प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। बैठक में पंचायत सचिवालयों को जनहितकारी सेवाओं के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया गया। साथ ही ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए पेयजल व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया। उन्होंने खराब चापाकलों एवं जलमीनारों की तुरंत मरम्मत, जलापूर्ति योजनाओं को सुचारू रखने तथा दूरस्थ एवं पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में टैंकर के माध्यम से नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में प्रभारी जिला परियोजना प्रबंधक, ई-पंचायत, सभी प्रखंडों के प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, प्रखंड समन्वयक, पंचायत सचिव एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।





