पाकुड़। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) द्वारा पाकुड़ जेल में नब्बे दिवसीय गहन विधिक जागरूकता शिविर के तहत बंदियों को कानून और उनके अधिकारों की जानकारी दी गई। यह कार्यक्रम झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देश पर आयोजित किया गया। शिविर का आयोजन डालसा पाकुड़ के अध्यक्ष दिवाकर पांडेय के निर्देशन तथा सचिव रूपा बंदना किरो के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ सुबोध कुमार दफादार और डिप्टी चीफ संजीव कुमार मंडल ने संयुक्त रूप से बंदियों को विभिन्न कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समाज में व्याप्त कुप्रथाएं—जैसे दहेज प्रथा, बाल विवाह, बाल श्रम और डायन प्रथा—डर, सामाजिक दबाव, अशिक्षा और गरीबी के कारण बढ़ती हैं। इन कुरीतियों को खत्म करने के लिए शिक्षा और कानूनी जागरूकता बेहद जरूरी है। बंदियों को बताया गया कि बाल श्रम, बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ बने कानूनों में सख्त सजा का प्रावधान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून की जानकारी ही व्यक्ति को सशक्त बनाती है और इससे वह अपने साथ-साथ समाज की भी रक्षा कर सकता है। कार्यक्रम में जेल प्रशासन के अधिकारी, पैरा लीगल वॉलंटियर्स सायेम अली और मरियम पिंकी किस्कू सहित अन्य लोग मौजूद रहे।





