कई अस्पताल, लैब और इमेजिंग सेंटरों को नोटिस, झोलाछाप डॉक्टरों पर भी कसेगा शिकंजा।
पाकुड़। जिले में बिना वैध पंजीकरण संचालित क्लीनिकों, अस्पतालों, पैथोलॉजी लैब और इमेजिंग सेंटरों के खिलाफ जिला प्रशासन ने व्यापक जांच अभियान शुरू कर दिया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मेघा भारद्वाज के निर्देश पर गठित विशेष जांच दलों ने विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई संस्थानों में आवश्यक दस्तावेजों और मानकों में कमी मिलने पर नोटिस जारी किया गया है।
मीडिया में प्रकाशित खबरों और विभिन्न स्रोतों से मिली शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने झोलाछाप चिकित्सकों तथा नियमों के विरुद्ध संचालित चिकित्सा संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। उपायुक्त ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी भी हालत में अपंजीकृत चिकित्सा संस्थानों को संचालित नहीं होने दिया जाएगा। शहरी क्षेत्र में अनुमंडल पदाधिकारी, उपाधीक्षक सदर अस्पताल, अंचल अधिकारी और नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी जांच अभियान चला रहे हैं। जांच के दौरान अस्पतालों, क्लीनिकों, लैब और इमेजिंग सेंटरों के पंजीकरण, लाइसेंस और अन्य जरूरी अभिलेखों की जांच की गई। जिन संस्थानों के कागजात अधूरे पाए गए या निर्धारित मानकों का पालन नहीं मिला, उन्हें स्पष्टीकरण और सुधार के लिए नोटिस जारी किया गया है। उपायुक्त ने निर्देश दिया है कि Clinical Establishment Act के तहत बिना पंजीकरण संचालित संस्थानों और मानकों का अनुपालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। सभी जांच दलों को शीघ्र रिपोर्ट उपलब्ध कराने को भी कहा गया है। असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को अभियान का वरीय प्रभारी बनाया गया है। उन्हें यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि जिले में कोई भी निजी अस्पताल, क्लीनिक, लैब या इमेजिंग सेंटर बिना आवश्यक पंजीकरण के संचालित न हो। उपायुक्त ने लोगों से अपील की है कि वे केवल पंजीकृत चिकित्सा संस्थानों में ही इलाज कराएं और किसी भी संदिग्ध अथवा अवैध स्वास्थ्य संस्थान की सूचना प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।







