पाकुड़। बच्चों के सुरक्षित, स्वस्थ और सम्मानजनक भविष्य के निर्माण में परिवार और समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी उद्देश्य से मंगलवार को पाकुड़ सदर प्रखंड स्थित सीएमसी सेंटर में सभी क्लस्टर की दीदियों एवं जेंडर सीआरपी की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जेएसएलपीएस की डीएमएसडी कुमुदिनी ने की। मौके पर बीपीएम उमेश कुमार, क्लस्टर कोऑर्डिनेटर सबीना यास्मीन और डीपीसी अनीस अंसारी मौजूद थे।
बैठक में जेंडर रिसोर्स सेंटर (जीआरसी) एवं सीएलएफ से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। इस दौरान पीसीआई-यूनिसेफ के जिला परियोजना समन्वयक ने सकारात्मक पालन-पोषण, पीढ़ियों के बीच संवाद, स्पॉन्सरशिप कार्यक्रम, पंचायत स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, आजीविका से जुड़ाव, कॉमिक बुक और पासपोर्ट टू अर्निंग कार्यक्रम की जानकारी दी। वक्ताओं ने कहा कि परिवार के सदस्यों के बीच बेहतर संवाद और सकारात्मक पालन-पोषण बच्चों के सर्वांगीण विकास, सुरक्षा और संरक्षण के लिए बेहद जरूरी है। साथ ही समुदाय स्तर पर बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत बनाने और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक जिम्मेदारी निभाने पर जोर दिया गया। बीपीएम उमेश कुमार ने निर्देश दिया कि प्रत्येक बुधवार को गांवों में माता-पिता, बच्चों और समुदाय के अन्य लोगों के साथ बैठक आयोजित कर बाल अधिकार, बाल संरक्षण, सामाजिक चुनौतियों और बढ़ती हिंसा जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाए। इससे समाज में जागरूकता बढ़ेगी और सकारात्मक सामाजिक बदलाव को गति मिलेगी।
बैठक में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने बच्चों के हित में समुदाय आधारित गतिविधियों को और प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा परिवार, समाज और बच्चों के बीच विश्वास एवं संवाद को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।






