सात दिनों में कमियां दूर करने का निर्देश, नियमों की अनदेखी पर होगी कड़ी कार्रवाई।
पाकुड़। जिले में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने होटल, लॉज एवं अतिथि गृहों में अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच को लेकर विशेष अभियान चलाया। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मेघा भारद्वाज के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन मूल्यांकन किया। निरीक्षण टीम में अनुमंडल पदाधिकारी साइमन मरांडी, कार्यपालक दंडाधिकारी विकास कुमार त्रिवेदी एवं जिला अग्निशमन पदाधिकारी अजय कुमार सिंह शामिल थे। टीम ने होटल, लॉज और अतिथि गृहों में फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था, जल उपलब्धता समेत अन्य आवश्यक अग्निशमन संसाधनों की जांच की। हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में हुई अग्नि दुर्घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भवन प्रमंडल विभाग एवं अग्निशमन विभाग से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) प्राप्त करने के बाद ही ऐसे प्रतिष्ठानों का संचालन किया जाना चाहिए। जांच के दौरान कई प्रतिष्ठानों में सुरक्षा व्यवस्था संतोषजनक पाई गई, जबकि कुछ स्थानों पर आवश्यक कमियां चिन्हित की गईं। संबंधित संचालकों को सात दिनों के भीतर सभी कमियों को दूर कर निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी या लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी होटल, लॉज एवं अतिथि गृह संचालकों को अग्नि सुरक्षा नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। प्रशासन ने निर्देश देते हुए कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कमियों को दूर नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन स्टैंडर्ड्स (NBCS)-2026, बिल्डिंग बायलॉज-2016 तथा फायर सेफ्टी नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने संयुक्त जांच समिति को शीघ्र विस्तृत प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया है, ताकि आगे की आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।








