पाकुड़ की उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने मंगलवार को जिला पंचायत शाखा, ग्रामीण विकास विभाग और जेएसएलपीएस की योजनाओं की समीक्षा करते हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि 15वें वित्त आयोग की लंबित योजनाओं को दस दिनों के भीतर पूरा किया जाए और बिना स्वीकृत योजना के किसी भी प्रकार का भुगतान न किया जाए। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम जनमन आवास योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने केवल पात्र लाभुकों के चयन और गुणवत्तापूर्ण ग्राम सभाओं के आयोजन पर बल दिया। जिले में स्वीकृत 7,230 पीएम जनमन आवासों में से 2,868 आवास पूर्ण होने की जानकारी दी गई, जबकि धीमी प्रगति वाले अमड़ापाड़ा प्रखंड को विशेष निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने पीवीटीजी समुदायों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सभी पीवीटीजी टोलों में सोलर लाइट, बिजली और स्वच्छ पेयजल की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों में सोलर लिफ्ट आधारित जलापूर्ति प्रणाली विकसित करने तथा जल संरक्षण के लिए छोटे तालाबों के निर्माण की योजना पर भी जोर दिया गया। ज्ञान केंद्रों को बच्चों के सर्वांगीण विकास का केंद्र बनाने, हेल्थ सब-सेंटरों के लिए भूमि उपलब्ध कराने तथा राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार-2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पूर्वी झिकरहट्टी पंचायत की टीम को बधाई देते हुए उपायुक्त ने विकास कार्यों में नवाचार और जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया।जेएसएलपीएस की समीक्षा के दौरान लिट्टीपाड़ा और पाकुड़ सदर प्रखंड में सभी लक्षित परिवारों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने, बैंक क्रेडिट लिंकेज में तेजी लाने तथा दोना-पत्तल, महुआ, कचचू प्रसंस्करण और पारंपरिक वस्त्र निर्माण जैसी आजीविका गतिविधियों को बाजार से जोड़कर ग्रामीण महिलाओं और किसानों की आय बढ़ाने के निर्देश दिए गए।





