इकबाल हुसैन
महेशपुर। विकास योजनाओं के दावों के बीच असकंधा पंचायत के बोरियो गांव से पश्चिम बंगाल सीमा स्थित उकुनपुर तक जाने वाली करीब 900 मीटर लंबी सड़क आज भी पक्की नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले 15 वर्षों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क कच्ची होने के कारण बरसात के दिनों में इसकी स्थिति और भी बदतर हो जाती है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। आए दिन बाइक, टोटो समेत अन्य छोटे वाहन फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं, जिससे लोगों को परेशानी और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीण भवेश मुर्मू, शोले मुर्मू, जमीन हेंब्रम, जिगना बेसरा, सुनील मुर्मू, समीर मंडल, सोनू चौरसिया, कमल हसन और रामनाथ तिवारी समेत अन्य लोगों ने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर कई बार मुखिया, जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को आवेदन दिया गया है। इसके बावजूद अब तक सड़क निर्माण या मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हो सका है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क क्षेत्र की महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से पाकुड़ और पश्चिम बंगाल के बीच लोगों का आवागमन होता है। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, छात्रों के स्कूल-कॉलेज जाने तथा व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी इसी मार्ग का उपयोग किया जाता है। बरसात के दिनों में सड़क की खराब स्थिति के कारण एम्बुलेंस तक को आवागमन में कठिनाई होती है।
सड़क की स्थिति चिंताजनक : उपासना मरांडी
मामले की जानकारी मिलने पर झामुमो की केंद्रीय समिति सदस्य उपासना मरांडी ने सड़क का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सड़क की वर्तमान स्थिति काफी चिंताजनक है और इससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि संबंधित विभाग के अधिकारियों से बात कर सड़क निर्माण की दिशा में आवश्यक पहल की जाएगी, ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान हो सके।





