रांची/सिमडेगा। झारखंड के सिमडेगा जिले ने कृषि निर्यात के क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत उत्पादित उच्च गुणवत्ता वाले आम्रपाली आम की पहली व्यावसायिक खेप यूनाइटेड किंगडम (लंदन) के लिए रवाना की गई है। यह उपलब्धि किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों (एफपीओ) को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मंगलवार को मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय, रांची में उपायुक्त कंचन सिंह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से शिष्टाचार मुलाकात कर इस उपलब्धि की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जेएसएलपीएस के सहयोग से महिला जागृति फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड और बेउरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की अगुवाई में आम्रपाली आम की पहली अंतरराष्ट्रीय खेप लंदन भेजी गई है। महिला समूह की प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को सिमडेगा के आम्रपाली आम भी भेंट किए। इस अवसर पर विधायक कल्पना सोरेन भी मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने तथा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों के निर्यात को नई गति देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। कोरोना काल में शुरू की गई बिरसा हरित ग्राम योजना आज ग्रामीण आजीविका का मजबूत आधार बन चुकी है। वर्ष 2019-20 से 2024-25 के दौरान सिमडेगा जिले के 12 हजार से अधिक किसानों ने करीब 10,500 एकड़ भूमि पर आम्रपाली, मल्लिका और लंगड़ा आम की बागवानी की। पिछले वर्ष बंपर उत्पादन के बावजूद किसानों को बाजार की कमी का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस वर्ष जिला प्रशासन ने बायर्स-सेलर्स मीट और बाजार संपर्क कार्यक्रमों के जरिए निर्यात का रास्ता खोल दिया। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के तकनीकी सहयोग से आमों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया। निर्यात के लिए आवश्यक फाइटोसैनिटरी मानकों को पूरा करने हेतु महिला किसानों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया। सिमडेगा जिले में 7,500 से अधिक सखी मंडलों से जुड़ी करीब 93 हजार महिलाएं विभिन्न आजीविका गतिविधियों में सक्रिय हैं। आम निर्यात की इस पहल में छह एफपीओ के लगभग 300 किसान सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। पहली अंतरराष्ट्रीय खेप के रूप में 1,322 किलोग्राम (1.32 टन) आम लंदन भेजे गए हैं। जिला प्रशासन ने इस सीजन में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कुल 81 टन आम की बिक्री का लक्ष्य निर्धारित किया है। जल्द ही यूके और यूरोप के लिए आम की नई खेप भेजी जाएगी। साथ ही घरेलू बाजार में रिलायंस मार्ट के साथ भी विपणन संपर्क स्थापित किया गया है। भविष्य में रागी और इमली जैसे उत्पादों के निर्यात की संभावनाएं भी तलाश की जा रही हैं। बिरसा हरित ग्राम योजना का लाभ अब पूरे झारखंड में दिखाई देने लगा है। योजना के तहत राज्य में अब तक 1.86 लाख एकड़ क्षेत्र में बागवानी वृक्षारोपण किया जा चुका है, जिससे 2.15 लाख ग्रामीण परिवारों को स्थायी रोजगार और आय का स्रोत मिला है। 52 हजार एकड़ क्षेत्र अब पूर्ण रूप से फल उत्पादन के लिए तैयार हो चुका है और इस वर्ष न्यूनतम 50 हजार मीट्रिक टन फल उत्पादन का अनुमान है। इससे झारखंड को फलों के निर्यात के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में नई गति मिली है।







