पाकुड़िया। दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर पाकुड़ में आयोजित होने वाले श्रद्धांजलि कार्यक्रम और उनकी आदमकद प्रतिमा के अनावरण को लेकर मंगलवार को प्रखंड झामुमो कार्यालय में बैठक हुई। प्रखंड अध्यक्ष मोतीलाल हांसदा की अध्यक्षता में हुई बैठक में कार्यक्रम की तैयारियों, जनसंपर्क अभियान और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में मुख्य अतिथि केंद्रीय कमेटी सदस्य उपासना मरांडी, जिला उपाध्यक्ष हरिवंश चौबे और बुद्धिजीवी मोर्चा के जिलाध्यक्ष देबीलाल हंसदाक शामिल हुए। उपासना मरांडी ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन केवल एक राजनीतिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि झारखंड की अस्मिता, स्वाभिमान और जल, जंगल व जमीन के संघर्ष के प्रतीक थे। उनका पूरा जीवन आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकारों और झारखंड की पहचान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि चार अगस्त को पाकुड़ में गुरुजी की प्रतिमा का अनावरण होगा, जिसमें शामिल होने के लिए पाकुड़िया से हजारों कार्यकर्ता रवाना होंगे।
जिला उपाध्यक्ष हरिवंश चौबे ने कहा कि संथाल परगना की धरती से गुरुजी का विशेष लगाव रहा है। उनकी पहली पुण्यतिथि को ऐतिहासिक बनाने के लिए पार्टी के सभी कार्यकर्ता पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जुटेंगे। देबीलाल हंसदाक ने कहा कि चार अगस्त को पाकुड़ में गुरुजी की आदमकद प्रतिमा का अनावरण होगा। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। प्रखंड अध्यक्ष मोतीलाल हांसदा ने कहा कि कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सुबह पार्टी कार्यालय में गुरुजी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद सभी कार्यकर्ता पाकुड़ पहुंचकर श्रद्धांजलि सभा और प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। मौके पर प्रखंड सचिव मैनुद्दीन अंसारी, जिला संगठन सचिव मुनीराम मरांडी, युवा मोर्चा प्रखंड अध्यक्ष मैनेजर हेम्ब्रम, प्रखंड सचिव नेगार अंसारी, अल्पसंख्यक सचिव अब्दुल बनीज सहित कालिदास टुडू, शिबलाल टुडू, मुसारफ हुसैन, सुभाषनी मुर्मू, बिनोद भगत, शिलवंती मुर्मू, परमेश्वर मरांडी, गामालियाल टुडू, तोहिदुल शेख, मोईन अंसारी, इकबाल अंसारी, एनोस मुर्मू, सूरज रविदास, बुलबुल शेख, लालबाबू शेख, दुलाल मिर्धा, मंजूर अंसारी, बाबूरली मरांडी, अनिसूर रहमान, अजीमुद्दीन अंसारी, खुदू भगत और हाफजुद्दीन अंसारी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।अगर आप चाहें तो इसे हिंदुस्तान की शैली में और ज्यादा धारदार, संक्षिप्त और आकर्षक स्थानीय खबर के रूप में भी तैयार किया जा सकता है।





