राहुल दास
हिरणपुर (पाकुड़): अजीब बिडम्बना है कि गरीबो को नियमित राशन वितरण कर रहे पीडीएस डीलरों को सरकार ने बीते 10 माह से कमीशन राशि नही गई है। जिससे डीलरों में भारी आक्रोश है। डीलरों को राशन वितरण को लेकर प्रति क्विंटल एक रुपये 50 पैसे सुनिश्चित की गई है। इसमे केंद्र सरकार के 90 पैसे व राज्य सरकार के द्वारा 60 पैसे शामिल है। पर डीलरों को बीते दिसम्बर 2024 , जनवरी , फरवरी , मार्च 2025 सहित वर्ष 2026 के जनवरी , फरवरी , मार्च , मई , जून व जुलाई माह की कमीशन बकाया है। बीते माह अप्रैल माह की मात्र कमीशन दी गई। उधर नमक , दाल व नमक वितरण की राशि वर्षो से अधर में है। बिडम्बना यह है कि कोविड के दौरान वितरण की गई गेंहू की कमीशन राशि अभी तक भुगतान नही हो पाया है। जो हिरणपुर प्रखंड के करीब 10 लाख की राशि है ।यह स्थिति पाकुड़ जिले सहित पूरे झारखण्ड की है। जहां डीलरों को मिलने वाले कमीशन राशि से वंचित किया गया है। कमीशन राशि ही डीलरों का आर्थिक उपार्जन का एक जरिया है। जो हर माह गरीब लाभुकों के बीच राशन वितरण कर रहा है , पर सरकार के द्वारा इसे पूरी तरह अनदेखी की गई है। डीलर लाचारी की स्थिति में जी रहा है , जो परिवार की भरणपोषण में असमर्थ हो रहा है। इसके बावजूद लाभुकों की केवाईसी सहित अन्य कार्यो में लगाया जा रहा है। आखिर डीलरों द्वारा किये गए कार्यो को पारिश्रमिक क्यो नही मिल पा रहा है। जबकि भुगतान को लेकर सभी तरह के प्रपत्र पूर्व में ही जमा हो चुका है। सबसे विचित्र स्थिति यह है कि जब बीते वर्षो की कमीशन बकाया है , उसका भुगतान न कर विभागीय रूप से वर्तमान वर्ष का कमीशन भुगतान की जा रही है। वह ही सीमित माह की ही दी जा रही है। इस सम्बंध में फेयर प्राइस डीलर्स एसोशियसन के राज्य सचिव अब्दुस सलाम से जानकारी मांगने पर बताया कि बीते 10 माह की राशन वितरण की कमीशन भुगतान अभी तक नही हो पाया है। इसको लेकर आपूर्ति सचिव को कई बार पत्र दी गई , पर अभी तक भुगतान को लेकर किसी प्रकार की पहल नही देखी जा रही है। बहरहाल डीलरों की कमीशन भविष्य के गर्त में छुपा हुआ है।





