पाकुड़। प्रकृति, भाई-बहन के प्रेम और सुख-समृद्धि का प्रतीक करमा महापर्व का उत्साह पाकुड़ में देखने को मिला। शहर के छोटी अलीगंज में भुइयां रेजिमेंट सामाजिक संगठन की ओर से जावा जगाई नृत्य एवं करमा महापर्व का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलेभर से भुइयां समाज के लोग जुटे और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पर्व मनाया। करमा गीत और मांदर की थाप पर महिला-पुरुषों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया। पूरे कार्यक्रम स्थल पर उत्सव का माहौल रहा। पारंपरिक वेशभूषा और लोक संस्कृति की झलक ने आयोजन को खास बना दिया। करमा पर्व के माध्यम से प्रकृति के प्रति आस्था के साथ भाई-बहन के बीच प्रेम, सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई।
कार्यक्रम में राजमहल सांसद विजय हांसदा भी शामिल हुए। आयोजन समिति की ओर से उनका पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ स्वागत किया गया। इसके बाद सांसद ने मांदर की थाप पर समाज के लोगों के साथ कदम मिलाया और करमा पर्व की खुशियां साझा कीं। सांसद विजय हांसदा ने कहा कि करमा महापर्व हमारी समृद्ध लोक संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पर्व मनाने के साथ समाज को शिक्षा के प्रति भी जागरूक रहना होगा। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाने और उनकी शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की। साथ ही लोगों से शराब के सेवन से दूर रहने का आग्रह करते हुए कहा कि नशामुक्त समाज से ही परिवार और आने वाली पीढ़ी का बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है।
भुइयां रेजिमेंट सामाजिक संगठन के अध्यक्ष मोहन राय ने कहा कि करमा महापर्व समाज को अपनी परंपरा और संस्कृति से जोड़ने का काम करता है। ऐसे आयोजन से समाज में एकजुटता बढ़ती है और युवा पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति को समझने का अवसर मिलता है।









