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August 22, 2026 11:54 pm

बाबूलाल मरांडी ने डीएमएफटी सड़क की जांच सूची से बाहर रखने पर उठाए सवाल, उपायुक्त से कार्रवाई की मांग।

पाकुड़। इलामी पंचायत में DMFT मद से निर्मित इलामी-बागानपाड़ा PCC सड़क और सत्तार मौलवी के घर के पास बने गार्डवाल की जांच को लेकर बाबूलाल मरांडी ने जिला प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने उपायुक्त को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि ग्रामीणों की स्पष्ट लिखित शिकायत और मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में योजना का उल्लेख होने के बावजूद 18 अगस्त को गठित जांच दल की सूची से उक्त योजना को बाहर रखा गया। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए योजना को तत्काल जांच के दायरे में शामिल करने तथा इसे सूची से बाहर रखने की प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है।
बाबूलाल मरांडी ने अपने आवेदन में बताया कि ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर उन्होंने 16 अगस्त को मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इलामी से बागानपाड़ा तक बनी PCC सड़क और गार्डवाल के निर्माण की जांच की मांग की थी। शिकायत में ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में कथित अनियमितता, घटिया सामग्री के इस्तेमाल और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी के आरोप लगाए थे। मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र की प्रति उपायुक्त को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए दी गई थी।
इसके बाद 18 अगस्त को जिला प्रशासन की ओर से विभिन्न योजनाओं की स्थल-जांच के लिए जांच दल गठित किया गया। बाबूलाल मरांडी के अनुसार, जांच के लिए तैयार सूची का अवलोकन करने पर यह सामने आया कि जिस योजना को लेकर ग्रामीणों ने विशेष रूप से शिकायत की थी, उसका नाम ही जांच सूची में नहीं है। इसके बाद उन्होंने उपायुक्त को दोबारा आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

बाबूलाल बोले- शिकायत के बाद भी योजना जांच से बाहर कैसे?

बाबूलाल मरांडी ने सवाल उठाया कि जब ग्रामीणों की ओर से लिखित शिकायत दी गई और उनके पत्र में भी योजना का स्पष्ट उल्लेख था, तो आखिर किस आधार पर इसे जांच सूची में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने मांग की है कि शिकायत मिलने से लेकर जांच सूची तैयार होने तक पूरी फाइल की प्रक्रिया की जांच हो और यह पता लगाया जाए कि फाइल किन-किन पदाधिकारियों व कर्मचारियों के पास गई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल सड़क और गार्डवाल के निर्माण की जांच से मामला पूरा नहीं होगा। योजना को जांच सूची से बाहर रखने के पीछे जिम्मेदार पदाधिकारी या कर्मचारी की भूमिका भी तय होनी चाहिए।

DPR, MB और भुगतान की जांच की मांग

बाबूलाल मरांडी ने उपायुक्त से सड़क और गार्डवाल की विस्तृत तकनीकी जांच कराने की मांग की है। इसमें स्वीकृत DPR और प्राक्कलन, सड़क व गार्डवाल की लंबाई, चौड़ाई और मोटाई, निर्माण सामग्री की मात्रा एवं गुणवत्ता, तकनीकी मानकों का अनुपालन, मापी-पुस्तिका (MB), कार्यादेश, बिल-वाउचर और भुगतान प्रक्रिया की जांच शामिल है। उन्होंने स्थल पर वास्तविक कार्य की मात्रा और गुणवत्ता तथा संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं द्वारा किए गए सत्यापन की भी जांच कराने की मांग की है। जरूरत पड़ने पर निर्माण सामग्री के नमूने लेकर मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से गुणवत्ता परीक्षण कराने का आग्रह किया है।

जांच प्रभावित करने वालों पर कार्रवाई की मांग

बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि यदि जांच में यह प्रमाणित होता है कि किसी पदाधिकारी, कर्मचारी, कार्यकारी एजेंसी या अन्य व्यक्ति ने जानबूझकर योजना को जांच से बाहर रखने अथवा जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया, तो संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई जानी चाहिए। उन्होंने उपायुक्त से आग्रह किया है कि इलामी-बागानपाड़ा PCC सड़क और गार्डवाल को तत्काल जांच सूची में शामिल कर निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की वास्तविकता सामने आ सके और जिम्मेदारी तय हो सके।

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