UFBU की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में विभिन्न बैंकों के कर्मचारी-अधिकारी हुए शामिल, लंबित मांगों के समाधान की उठी आवाज
पाकुड़: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर शुक्रवार को पाकुड़ के विभिन्न बैंकों के कर्मचारी एवं अधिकारी एकदिवसीय हड़ताल में शामिल हुए। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने सहित विभिन्न लंबित मांगों को लेकर बैंककर्मियों ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। हड़ताल के समर्थन में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक समेत विभिन्न बैंकों के कर्मचारी एवं अधिकारी शामिल रहे। पाकुड़ में हड़ताल को सफल बनाने के लिए यूनियन प्रतिनिधियों ने बैंककर्मियों से संपर्क कर आंदोलन में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की। केनरा बैंक से असद कमरान एवं सुबोध कुमार तथा बैंक ऑफ इंडिया से सौमित्र सरकार, सौविक, शांति मुर्मू, देबलिना गोस्वामी, अनुरंजन आनंद, सुरेश राय एवं फ्रांसिस हेम्ब्रम समेत कई बैंककर्मियों ने हड़ताल में भाग लिया। इसके अलावा विकास हांसदा, अवनीकांत, सत्यजीत, मीनू मुर्मू, शशांक झा, अमित, सूरज, शुभम एवं गुलाम अम्बिया समेत विभिन्न बैंकों के दर्जनों कर्मचारी एवं अधिकारी आंदोलन के समर्थन में रहे।
दो वर्षों से अधिक समय से लंबित है मांग
UFBU के अनुसार, पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग लंबे समय से लंबित है। 2015 और 2020 के Settlement/Joint Note के बाद 7 दिसंबर 2023 के MOU में सभी शनिवारों को बैंकिंग उद्योग के लिए अवकाश घोषित करने की सिफारिश की गई थी। वहीं 8 मार्च 2024 के 12वें Bipartite Settlement/Joint Note में आवश्यक सरकारी मंजूरी के बाद इसे लागू करने की बात दर्ज की गई। यूनियन का आरोप है कि इसके बावजूद अंतिम सरकारी मंजूरी में लगातार विलंब हो रहा है। बैंक यूनियन नेताओं का कहना है कि बैंकिंग सेवाओं का बड़ा हिस्सा अब डिजिटल माध्यम से संचालित हो रहा है। ऐसे में सोमवार से शुक्रवार तक पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करना समय की जरूरत है।
आश्वासन के बाद भी नहीं हुआ समाधान
यूनियन के अनुसार, मांग को लेकर सरकार के स्तर पर कई दौर की वार्ता हो चुकी है। मार्च 2025 में प्रस्तावित हड़ताल के दौरान भी उच्च स्तर पर मामले पर विचार करने का आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन स्थगित किया गया था, लेकिन अपेक्षित निर्णय नहीं होने से बैंककर्मियों में असंतोष बढ़ा। UFBU ने 27 जनवरी 2026 को भी पांच दिवसीय बैंकिंग समेत विभिन्न मांगों को लेकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद भी ठोस निर्णय नहीं होने पर 11 सितंबर की एकदिवसीय हड़ताल का आह्वान किया गया।
तीन दिवसीय हड़ताल के बाद अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
UFBU ने मांगों के समाधान के लिए आगे आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। यूनियन के घोषित कार्यक्रम के अनुसार 28, 29 एवं 30 सितंबर को तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल प्रस्तावित है। इसके बाद भी मांगों का समाधान नहीं होने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है।
बैंक यूनियनों ने स्पष्ट किया है कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था सहित अन्य लंबित मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।






