मालगाड़ी की चपेट में आने से दाहिना पैर बुरी तरह जख्मी, अचेत हालत में मिलीं; ग्रामीण ने दिखाई इंसानियत।
पाकुड़। महेशपुर के मयूरबाग की रहने वाली 78 वर्षीय वृद्ध महिला रविवार सुबह पाकुड़ के बेलडांगा गांव के समीप पत्थर रेलवे लाइन पर गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिलीं। मालगाड़ी की चपेट में आने से उनका एक पैर बुरी तरह जख्मी हो गया, जबकि सिर में भी चोट लगी। हादसे के समय महिला अचेत अवस्था में थीं और उनके साथ कोई परिजन मौजूद नहीं था। घटना के बाद बेलडांगा गांव निवासी जगदीश टुडू ने मानवीय पहल करते हुए तत्काल मदद का प्रयास किया। उन्होंने सेंट जोसेफ स्कूल की गाड़ी मंगाई और एक-दो ग्रामीणों के सहयोग से घायल वृद्ध महिला को पाकुड़ सदर अस्पताल सोनाजोड़ी पहुंचाया। वहां डॉक्टर सोहेल और उनकी टीम, साथ ही डॉक्टर मनीष कुमार ने महिला का इलाज किया। प्राथमिक उपचार के बाद महिला की स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें बाहर रेफर किया गया।
सोशल मीडिया की खबर से परिजनों को मिली जानकारी
शुरुआत में महिला की पहचान नहीं हो सकी थी। सोशल मीडिया पर घटना और घायल महिला की तस्वीर/जानकारी सामने आने के बाद उनके परिजनों को इसकी जानकारी मिली। इसके बाद परिजन अस्पताल पहुंचे और महिला को बेहतर इलाज के लिए बाहर ले गए।
लेकिन परिजनों के मिलने के बाद भी इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल अब तक अनसुलझा है।
महेशपुर से पाकुड़ क्यों आई थीं वृद्धा?
वृद्ध महिला महेशपुर के मयूरबाग की रहने वाली हैं, लेकिन वह पाकुड़ के बेलडांगा गांव के समीप रेलवे लाइन तक कैसे पहुंचीं और किस उद्देश्य से आई थीं, इसका स्पष्ट जवाब अब तक सामने नहीं आया है। हादसे के समय वह अचेत अवस्था में थीं और उनके साथ कोई परिजन भी नहीं था।
क्या वह अकेले महेशपुर से पाकुड़ आई थीं? अगर आई थीं तो किस काम से? वह बेलडांगा के रेलवे ट्रैक के पास क्यों पहुंचीं? इन सवालों का जवाब फिलहाल रहस्य बना हुआ है। महिला के परिजनों के मिलने के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए बाहर ले जाया गया है, लेकिन महेशपुर से पाकुड़ तक उनकी पूरी यात्रा और रेलवे लाइन तक पहुंचने की वास्तविक कहानी अभी सामने नहीं आई है।







