पाकुड़। दहेज प्रथा और दहेज उत्पीड़न के खिलाफ जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) पाकुड़ ने जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया। यह अभियान सर्वोच्च न्यायालय के स्टेट ऑफ यूपी बनाम अजमल बेग मामले में दिए गए दिशा-निर्देशों तथा झालसा के निर्देश पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष दिवाकर पांडेय के निर्देश और सचिव रूपा बंदना किरो के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। शहरकोल, हीरानंदपुर, बाबूपुर, खाकसा, रोलाग्राम, कमलघाटी, खजूरडांगा, धर्मपुर, हिरणपुर, अमड़ापाड़ा, सोनाजोड़ी, चांडालमारा समेत विभिन्न क्षेत्रों में पैरा लीगल वॉलंटियर्स ने ग्रामीणों को दहेज प्रथा, दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के खिलाफ कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। महिलाओं को बताया गया कि पीड़ितों को डालसा के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
अभियान के दौरान दहेज उत्पीड़न से संबंधित आईपीसी की धारा 498ए/बीएनएस की धारा 85 तथा दहेज मृत्यु से संबंधित आईपीसी की धारा 304बी/बीएनएस की धारा 80 के प्रावधानों की जानकारी दी गई। साथ ही आपात स्थिति में 112/100, महिला हेल्पलाइन 181, महिला थाना और डालसा से संपर्क करने की अपील की गई। पैरा लीगल वॉलंटियर्स ने ग्रामीणों को दहेज जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ सामूहिक रूप से आवाज उठाने और इसे समाज से समाप्त करने का संकल्प भी दिलाया।







